VB-G-RAM-G बिल पर मचा घमासान, महात्मा गांधी पर क्या बोल गए पी. चिदंबरम? उठाए ये 5 बड़े सवाल

MGNREGA to VB-G-RAM-G Controversy: केंद्र सरकार द्वारा संसद से पास कराए गए VB-G-RAM-G बिल को लेकर राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री और कांग्रेस सांसद पी. चिदंबरम ने इस नई योजना पर तीखा हमला बोला है।

चेन्नई में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने आरोप लगाया कि यह बदलाव न केवल गरीबों के संवैधानिक अधिकारों पर प्रहार है, बल्कि महात्मा गांधी की यादों को मिटाने की एक सोची-समझी साजिश भी है। चिदंबरम का कहना है, "इस योजना में बदलाव करके महात्मा गांधी को दूसरी बार मार दिया गया है।"

P Chidambaram Slams VB-G-RAM-G Bill

चिदंबरम ने इस बिल की खामियों को उजागर करते हुए इसे 'संघीय ढांचे' और 'रोजगार की गारंटी' के खिलाफ बताया। चिदंबरम ने इस बिल पर कौन से 5 बड़े सवाल उठाए हैं:

ये भी पढ़ें: MGNREGA Replacement Bill: मनरेगा को हटाने की तैयारी? सरकार का नए ग्रामीण रोजगार बिल में क्या बदलेगा?

1. नाम और भाषा पर विवाद

चिदंबरम ने स्कीम के नाम 'VB-G-RAM-G' पर तंज कसते हुए कहा कि यह न तो सही अंग्रेजी है और न ही कोई स्पष्ट भारतीय भाषा। उन्होंने कहा, "यह केवल अंग्रेजी अक्षरों में लिखे गए हिंदी शब्द हैं, जिन्हें समझना आम जनता तो दूर, खुद मंत्रियों के लिए भी कठिन है।" उनके अनुसार, इस तरह के अस्पष्ट नाम योजना की गंभीरता को कम करते हैं।

ये भी पढ़ें:

2. राज्यों के अधिकारों पर हमला

चिदंबरम का सबसे बड़ा आरोप यह है कि यह योजना देशभर में समान रूप से लागू नहीं होगी। अब केंद्र सरकार यह तय करेगी कि किन जिलों या क्षेत्रों में काम दिया जाना चाहिए। उन्होंने इसे संघीय ढांचे (Federal Structure) पर प्रहार बताते हुए कहा कि इससे राज्यों की शक्तियां कमजोर होंगी और भेदभाव की संभावना बढ़ेगी।

3. 60 दिन की 'रहस्यमयी' शर्त और 'नो वर्क' जोन

बिल के तकनीकी पहलुओं पर सवाल उठाते हुए पूर्व वित्त मंत्री ने दो मुख्य बातें कहीं:

→ 60 दिनों का प्रतिबंध: बिल के अनुसार साल के 60 दिन यह योजना लागू नहीं होगी, लेकिन वे 60 दिन कौन से होंगे, इसकी कोई स्पष्टता नहीं है।

→ रोजगार की गारंटी खत्म: यदि किसी जिले को 'नो वर्क' (काम नहीं) क्षेत्र घोषित कर दिया जाता है, तो वहां के मजदूर रोजगार की मांग भी नहीं कर पाएंगे। चिदंबरम के अनुसार, यह कानून अब "गारंटी" शब्द के अर्थ को ही खत्म कर रहा है।

4. महिलाओं और बुजुर्गों की आर्थिक आजादी पर संकट

मनरेगा (MGNREGA) के लाभ गिनाते हुए चिदंबरम ने कहा कि पुरानी योजना 12 करोड़ परिवारों के लिए सुरक्षा कवच थी। उन्होंने कहा, "महिलाओं के हाथ में सीधे पैसे आने से उन्हें आत्मनिर्भरता मिलती थी। नया बिल इस सुरक्षा चक्र को कमजोर कर रहा है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था और खासकर महिलाओं पर बुरा असर पड़ेगा।"

5. बजट में कटौती और गांधी की विरासत पर प्रहार

चिदंबरम ने आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि 100 दिन के वादे के मुकाबले औसतन केवल 50 दिन का काम मिल पा रहा है। 2024-25 के बजट में भी भारी गिरावट देखी गई है और हजारों करोड़ रुपये की मजदूरी बकाया है।

अंत में, उन्होंने एक गंभीर आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ दल महात्मा गांधी के योगदान को नजरअंदाज कर रहा है। चिदंबरम ने कहा, "यह बिल केवल एक नीतिगत बदलाव नहीं है, बल्कि यह आजाद भारत के इतिहास को 2014 से शुरू दिखाने और उससे पहले के महापुरुषों की यादों को धुंधला करने का प्रयास है।"

ये भी पढ़ें: Mgnrega Scheme: मनरेगा क्या है? कब शुरू हुई, कितनी कमाई होती है, नए बिल से क्या बदलेगा- जानें हर सवाल का जवाब

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+