चुनाव में हार के डर से चिदंबरम ने छोड़ा मैदान, बेटे ने संभाली कमान

केंद्रीय वित्तमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने लोकसभा चुनाव नहीं लड़ने का फैसला किया है। चिदंबरम के मना करने के बाद कांग्रेस ने उनके बेटे को मौका दिया है। पार्टी ने उनके लोकसभा क्षेत्र शिवगंगा से उनके बेटे कार्ती को उम्मीदवार घोषित किया है। कांग्रेस ने कार्ती और गुलाम नबी आजाद सहित कुल 50 उम्मीदवारों की चौथी सूची जारी की।
पिता के बदले अपनी उम्मीदवारी की घोषणा के बाद कार्ती ने पार्टी का शुक्रिया किया और कहा कि पार्टी ने उनपर विश्वास जताया है इसके लिए उनका आभार प्रकट किया। उन्होंने इस लोकसभा चुनाव को बड़ी चुनौती बताते हुए कहा कि वह पार्टी के भरोसे पर खरा उतरने के लिए कड़ी मेहनत करेंगे। कार्ती ने कहा कि शिवगंगा में पार्टी एकजुट है और किसी भी चुनौती के लिए पूरी तरह से तैयार है।
Did You Know:कार्ती चिदंबरम पर 2जी घोटाले में संलिप्तता का आरोप लगा था।
जहां अपनी उम्मीदवारी को लेकर कार्ती उत्साहित दिखे तो वहीं अपने पिता के चुनाव न लड़ने के फैसले पर उन्होंने सफाई देते हुए कहा कि उनके पिता ने नौ चुनाव लड़े हैं और ऐसे में यह अलग होने का वक्त है। निश्चित तौर पर वह राजनीति से संन्यास नहीं ले रहे हैं। गौरतलब है कि कांग्रेस ने जिन 50 उम्मीदवारों की सूची जारी की है जिसमें केंद्रीय मंत्री गुलाम नबी आजाद, कार्ती तथा मणिशंकर अय्यर और दिग्विजय सिंह के भाई लक्ष्मण सिंह के नाम प्रमुख हैं।
Did you Know: जनता पार्टी के अध्यक्ष सुब्रमण्यम स्वामी ने गृह मंत्री पी चिदंबरम और उनके बेटे कार्ती चिदंबरम पर 2 जी घोटाले में शामिल होने काआरोप लगाया था। उन्होंने आरोप लगाया था कि कार्ती के रिश्ते 2-जी घोटाले की दोषी कंपनियों से थे और इससे जो पैसा कमाया गया उसे विदेश भेज दिया।












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