तिहाड़ जेल जाने के डर से सीबीआई कस्टडी में ही रहना चाहते हैं पी चिदंबरम
नई दिल्ली। पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में कहा है कि वह सीबीआई की कस्टडी में रहना चाहते हैं। जिस तरह से पी चिदंबरम को पिछले हफ्ते आईएनएक्स मीडिया मामले में सीबीआई ने नाटकीय अंदाज में गिरफ्तार किया था, उसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने भी उन्हें राहत देने से इनकार कर दिया था। बता दें कि पी चिदंबरम सीबीआई की कस्टडी में हैं, सीबीआई की कस्टडी खत्म होने पर उन्हें ट्रायल कोर्ट में पेश किया जाएगा।

जा सकते हैं तिहाड़
चिदंबरम की ओर से सुप्रीम कोर्ट की बेंच के सामने यह प्रस्ताव रखा गया है कि उन्हें सीबीआई की कस्टडी में ही रहने दिया जाए। दरअसल सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने कहा था कि वह इस मामले की सुनवाई दो सितंबर को करेगी, जिसके बाद चिदंबरम की ओर से यह प्रस्ताव रखा गया है कि वह सीबीआई की कस्टडी में ही रहना चाहते हैं। अगर आज सीबीआई कोर्ट सीबीआई की याचिका को खारिज करती है तो पी चिदंबरम को दिल्ली के तिहाड़ जेल में भेजा जा सकता है, इसी डर से चिदंबरम ने कोर्ट में अपील की है कि उन्हें सीबीआई कस्टडी में ही रहने दिया जाए।
खुद रहना चाहते हैं सीबीआई कस्टडी में
आलम यह है कि पिछली सुनवाई के दौरान जब सीबीआई ने कोर्ट में चिदंबरम की पांच दिन की कस्टडी मांगी थी तो चिदंबरम के वकीलों ने इसका पुरजोर विरोध किया था, लेकिन अब चिदंबरम के वकील चाहते हैं कि चिदंबरम को सीबीआई की ही कस्टडी में रहने दिया जाए और इसके लिए चिदंबरम खुशी खुशी राजी हैं। वहीं सॉलिसिटर जनरल ने इसका विरोध करते हुए कहा कि यह मामला ट्रायल कोर्ट में है लिहाजा उसे ही इस बात पर फैसला लेना चाहिए कि किसे कब तक हिरासत में रखना है, सुप्रीम कोर्ट को इस मसले में दखल नहीं देना चाहिए।
तिहाड़ जेल जाने का डर
सूत्रों की मानें तो सीबीआई चिदंबरम की हिरासत को और बढ़ाने पर जोर नहीं डालेगी, ऐसे में चिदंबरम को तिहाड़ जेल जाना पड़ सकता है। पांच सितंबर को सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद सीबीआई यह तय करेगी कि क्या इंद्राणी मुखर्जी और अन्य गवाहों का चिदंबरम से आमना-सामना कराने की जरूरत है या नहीं। बता दें कि पी चिदंबरम पिछले कई दिनों से सीबीआई की गिरफ्त में हैं, सीबीआई ने उन्हें आईएनएक्स मीडिया मामले में गिरफ्तार किया था।












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