कोरोना काल में 1 लाख से अधिक बच्चे हो गए अनाथ, NCPCR ने सुप्रीम कोर्ट में इनकी देखभाल की रखी मांग
नई दिल्ली, अगस्त 27। कोरोना महामारी की दूसरी लहर में अनाथ हुए बच्चों को लेकर राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) ने सुप्रीम कोर्ट में कुछ आंकड़े पेश किए हैं। NCPCR ने सुप्रीम कोर्ट को बताया है कि अप्रैल 2020 के बाद से कोरोना महामारी में एक लाख से अधिक बच्चे या तो अनाथ हो गए हैं, या माता-पिता में से किसी एक को खो दिया है, या अभिवावकों द्वारा छोड़ दिए गए हैं। NCPCR ने एक अतिरिक्त हलफनामे में शीर्ष अदालत को बताया कि इन बच्चों को देखभाल और सुरक्षा की जरूरत है। आपको बता दें कि बाल संरक्षण गृहों में कोविड-19 के संक्रमण पर स्वत: संज्ञान लेते हुए हलफनामा दायर किया गया था।

राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के आंकड़ों पर आधारित है हलफनामा
यह जानकारी बाल अधिकार निकाय ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा अपने बाल स्वराज पोर्टल पर अपलोड की गई जानकारी के हवाले से दी है। आयोग ने कोर्ट को बताया है कि 23 अगस्त तक ऐसे कुल 1,01,032 बच्चे हैं, जिन्हें देखभाल और सुरक्षा की आवश्यकता है। इन आंकड़ों में वे बच्चे शामिल हैं, जिन्होंने 1 अप्रैल, 2020 से 23 अगस्त के बीच या तो माता-पिता में से किसी एक को खो दिया है या दोनों को खो दिया है। हलफनामे में कहा गया है कि कुल 1,01,032 बच्चों में से 52,532 लड़के हैं, 48,495 लड़कियां हैं और पांच ट्रांसजेंडर हैं।
क्या कहते हैं आंकड़े
गुरुवार को जस्टिस एल नागेश्वर राव और अनिरुद्ध बोस की बेंच ने इस मामले की सुनवाई की। राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के एकत्रित आंकड़ों के अनुसार - कोरोना काल में 8,161 बच्चे अनाथ हो गए हैं, 92,475 अपने माता-पिता में से किसी एक को खो चुके हैं, और 396 को छोड़ दिया गया है। आंकड़ों से पता चलता है कि इनमें 10,980 बच्चे 0-3 साल की उम्र के हैं और 16,182 बच्चे 16 से 18 साल तक के हैं।
दिल्ली और मुंबई में ऐसा है आंकड़ा
- हलफनामे में राज्यवार आंकड़ों के बारे में बताया गया है कि दिल्ली में ऐसे कुल 5,391 बच्चे हैं - 5,101 ने एक माता-पिता को खो दिया है, 275 अनाथ हो गए हैं, और 15 को छोड़ दिया गया है।
- वहीं महाराष्ट्र में, कुल 15,401 बच्चे हैं। इनमें से 14,925 ने एक माता-पिता को खो दिया है, 470 अनाथ हो गए हैं, और छह को छोड़ दिया गया है। बाल अधिकार निकाय अपलोड किए गए व्यक्तिगत बाल प्रविष्टि के संबंध में डेटा विश्लेषण प्रक्रिया में है।












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