रूस में हुआ परमाणु संयंत्र पर बड़ा समझौता, मोदी बोले- दोनों देशों के बीच सहयोग होंगे मजबूत
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन की मौजूदगी में दोनों देशों ने 5 समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं। समझौतों पर हस्ताक्षर के बाद दोनों राष्ट्राध्यक्षों ने साझा बयान जारी किया।
इस दौरान मोदी ने कहा कि राष्ट्रपति पुतिन तथा सेंट पीटरबर्ग्स के लोगों द्वारा गर्मजोशी भरे स्वागत का मैं हार्दिक अभिनन्दन करता हूं।
उन्होंने कहा कि इस वर्ष भारत-रूस अपने राजनयिक संबंधों की 70वीं वर्षगांठ मना रहे हैं।संस्कृति से सुरक्षा तक; हमारे संबंधों की भाषा समान है। मोदी ने कहा कि पिछले 7 दशकों के क्षेत्रीय तथा अंतर्राष्ट्रीय उथल-पुथल में यदि एक स्थिर सच्चाई रही है तो वह है भारत तथा रूस के बीच के सशक्त संबंध।

मोदी ने कहा...
उन्होंने कहा कि हमारे संबंधों के विकास के संपूर्ण स्वरूप पर मैंने और राष्ट्रपति पुतिन ने आज विस्तार से बातचीत की है। इसके मद्देनजर हमने आज सेंट पीटरबर्ग्स डिक्लरेशन एडॉप्ट किया है; जो दोनों देशों के आर्थिक & राजनैतिक सुदृढ़ता का विकास का मार्ग प्रशस्त करेगा।
पीएम ने कहा कि मुझे खुशी है कि आज कुडनकुलम 5 और 6 के अंतिम रूप दिए जाने द्वारा हमारे दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय ऊर्जा सहयोग और घनिष्ठ होंगे। उन्होंने कहा कि व्यापारिक और वाणिज्यिक संबंधों के विकास में निजी क्षेत्र की महतव्पूर्ण भूमिका है; हम भारत और रूस के निजी क्षेत्रों को सक्रिय भूमिका के लिए निमंत्रित करते हैं।
ऊर्जा सहयोगा आधार
पीएम ने वार्ता में कहा कि हम 2025 तक US $ 30 billion के निवेश के लक्ष्य की उपलब्धि के समीप हैं। मोदी ने कहा कि ऊर्जा सहयोग और आर्थिक संबंधों की गहनता का एक मुख्य आधार है।
बता दें कि भारत और रूस के मध्य हुए समझौतों में सांस्कृतिक आदान प्रदान के कार्यक्रम, कुडनकुलम न्यूक्लियर पावर प्लांट के तीसरे चरण का निर्णाण, पारंपरिक ज्ञान के लिए भारतीय डिजिटल लाइब्रेरी में रूस का सहयोग, नागपुर से सिकंदराबाद सेक्शन के बीच हाई स्पीड सर्विस के लिए कांट्रैक्ट और बहुमूल्य पत्थरों और भारत के आभूषणों के निर्यात के प्रचार के लिए एमओयू हस्ताक्षरित किया गया।












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