Opinion Poll: क्या राम मंदिर ने पैदा किया विपक्ष के लिए धर्मसंकट? सर्वे में आए चौंकाने वाले नतीजे
Bharat Express Survey in Hindi: 22 जनवरी को अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा होने जा रही है, जिसको लेकर पूरे भारत में जबरदस्त उत्साह है, मंगल गीत गाए जा रहे हैं और इस दिन को ऐतिहासिक बनाने के लिए पूरा प्रशासन जुटा हुआ है।

तो वहीं इस मुद्दे पर जमकर सियासत भी हो रही है, कांग्रेस समेत तमम विपक्षी दलों ने भाजपा पर आरोप लगाया है कि वो राम मंदिर के नाम पर राजनीति कर रही है।
वो मंदिर बनवाने का क्रेडिट लेना चाहती है, जबकि मंदिर उसकी वजह से नहीं बल्कि कोर्ट के आदेश की वजह से बन रहा है। वो बीजेपी पर आरोप लगा रही है कि वो जानबूझकर विपक्षी दलों के नेताओं को प्राण-प्रतिष्ठा कार्यक्रम का निमंत्रण नहीं दे रही है।
राम मंदिर पर खुलकर नहीं बोल रहा है विपक्ष
हालांकि विपक्षी दलों की ओर बीजेपी को निशाना तो बनाया जा रहा है लेकिन राम मंदिर पर कांग्रेस हो या सपा किसी ने भी खुलकर वेलकम नहीं किया है।
मुस्लिम वोट के कारण चुप विपक्ष!
इस बारे में राजनीति के जानकारों का मानना है कि विपक्ष को कहीं ना कहीं इस बात का डर है कि राम मंदिर पर की जाने वाली इनकी पैरवी इनके मुस्लिम वोटर्स को नाराज ना कर दें लेकिन क्या सच में ऐसा है?
इस बात को जानने के लिए भारत एक्सप्रेस ने एक सर्वे किया, जिसमें उसने जनता से सीधे प्रश्न किया कि क्या राम मंदिर को लेकर विपक्ष असमंजस में है? क्या वो अयोध्या में हो रहे मंदिर निर्माण पर धर्मसंकट में फंस गया है?
सर्वे में जनता ने दिया चौंकाने वाला जवाब
इस सर्वे में जनता ने बढ़चढ़कर हिस्सा लिया और चौंकाने वाला जवाब दिया। सर्वे के मुताबिक 62 प्रतिशत लोगों ने 'हां' में जवाब दिया और 35 प्रतिशत लोगों ने 'ना' में उत्तर दिया, जबकि 3 प्रतिशत लोग ऐसे थे, जो 'हां' या 'ना' कहने की स्थिति में नहीं थे।
राम मंदिर का मुद्दा विपक्ष के लिए मुसीबत बन गया है: Survey
मतलब सर्वे के आंकड़े ये बता रहे हैं कि राम मंदिर का मुद्दा विपक्ष के लिए मुसीबत बन गया है, वो ना ता इसका विरोध कर सकते हैं और ना ही वो इसके समर्थन में खुलकर उतर सकते हैं।
क्या अयोध्या पर सियासत करना विपक्ष की मजबूरी थी?
इसके अलावा इसी सर्वे में दूसरा प्रश्न था कि क्या अयोध्या पर सियासत करना विपक्ष की मजबूरी थी? जिसमें 54 प्रतिशत लोगों ने 'हां' में उत्तर दिया, जबकि 41 प्रतिशत लोगों ने 'ना' कहा है, जबकि 5 प्रतिशत लोग ऐसे थे, जो 'हां' या 'ना' कहने की स्थिति में नहीं थे।
अपनी राय कमेंट बॉक्स में जरूर व्यक्त करें
आपको बता दें कि ये सर्वे 'भारत एक्सप्रेस' की टीम ने किया है, जिसमें लाखों लोगों ने भाग लिया है। इस सर्वे पर आपकी राय क्या है? अपनी राय कमेंट बॉक्स में जरूर व्यक्त करें। आपकी प्रतिक्रियाओं का हमें इंतजार रहेगा।












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