OPINION: तेलंगाना चुनाव के लिए केसीआर ने कर ली है तैयारी, अब वोट बटोरने की बारी!
तेलंगाना अब चुनावों के लिए तैयार है। 30 नवंबर के मतदान के लिए प्रचार अभियान तेज होने वाला है। सत्ताधारी बीआरएस ने 119 में से 115 सीटों पर काफी पहले ही अपने उम्मीदवार घोषित कर रखे हैं। कांग्रेस ने सिर्फ अपनी 6 गारंटियों पर राज्य में अगली सरकार बनाने का भरोसा पाल रखा है।
बीजेपी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से की गई घोषणाओं पर विश्वास है। लेकिन, सीएम केसीआर ने जिस तरह से हैट्रिक लगाने की तैयारियां कर रखी हैं, उससे विपक्ष असहज होता दिखता है। इस चुनावी बिसात पर वही सफल होने जा रहा है, जिसे राज्य की जनता का जमीनी समर्थन हासिल होगा।

चुनावी तैयारियों में बीआरएस आगे
सोमवार को चुनाव तारीखों की घोषणा के साथ तेलंगाना में आचार संहिता लागू हो चुकी है। सत्ताधारी बीआरएस ने जिस तरह से आत्मविश्वास के साथ पहले ही अपने उम्मीदवार उतार रखे हैं और चुनावी मैदान में उतरी हुई है, उससे वह विपक्ष के मुकाबले इस चुनावी लड़ाई में आगे दिख रही है। कांग्रेस-बीजेपी अभी तक अपने उम्मीदवारों पर ही मंथन में जुटी है। इन सबके बीच कई सारे ओपिनियन पोल भी अपने अनुमान जता रहे हैं।

बीआरएस को सीएम केसीआर पर भरोसे में विश्वास
कांग्रेस को लग रहा है कि सोनिया गांधी ने जो गारंटियों की घोषणा की है, उससे कर्नाटक की तरह वह यहां भी सियासी बाजी पलट सकती है। लेकिन, बीआरएस को मुख्यमंत्री केसीआर की ओर से तेलंगाना के लिए उठाए गए कदमों और महिला वोटरों और किसानों के लिए लाए जा रहे आकर्षक घोषणाओं पर भरोसा है।

महिलाओं और किसानों को मिलने वाली सहायता बढ़ाने की तैयारी
ऐसी चर्चा है कि सीएम केसीआर की ओर से रायथु बंधु योजना के तहत मिलने वाली वित्तीय सहायता को घोषणापत्र में 50% बढ़ाने का वादा होने वाला है। इसके अलावा किसानों के लिए मुफ्त फर्टिलाइजर देने की भी बात हो सकती है। बीआरएस मैनिफेस्टो कमेटी ने कल्याण लक्ष्मी और शादी मुबारक योजनाओं में भी कुछ अतिरिक्त फायदे देने का फैसला किया है।
रायथु बंधु योजना से पिछले चुनावों में मिली काफी मदद
इस समय रायथु बंधु योजना के तहत प्रति एकड़ सालाना 10 हजार रुपए की सहायता दी जाती है। जानकारी के अनुसार बीआरएस इसे 15,000 रुपए करने की योजना पर काम कर रही है। केसीआर सरकार ने इस योजना की घोषणा 2018 के विधानसभा चुनावों से पहले की थी। वित्त वर्ष 2018-19 में नवंबर महीने में चुनावों के दौरान ही इस योजना की रकम किसानों के खातों में जमा की गई थी और तत्कालीन तेलंगाना राष्ट्र समिति को वोटों की फसल काटने का मौका मिला था।

मुफ्त यूरिया देने का भी हो सकता है वादा
कहा जा रहा है कि घोषणापत्र में इस स्कीम के तहत अब प्रति फसल 7,500 रुपए वितरित करने की बात है, जिससे सालाना 15,000 रुपए किसानों के खातों में पहुंचेगी। इसके साथ ही जानकारी के मुताबिक यह लगभग तय किया गया है कि किसानों को प्रति एकड़ दो बोरी यूरिया भी मुफ्त में देने की योजना है।
सहायता पेंशन बढ़ाने की भी चर्चा
यह घोषणा पहले ही हो चुकी है कि दिव्यांगजनों को 3,016 की पेंशन के अतिरिक्त 1000 रुपए दिए जाएंगे और उन्हें हर महीने 4,116 रुपए मिलेंगे। इसके अलावा सहायता पेंशन भी बढ़ाए जाने की संभावना है, जो कि मौजूदा 2,016 रुपए से बढ़ाकर 3,016 रुपए की जा सकती है।

शादी से लेकर स्वास्थ्य तक में मदद बढ़ाने का वादा
ऐसी भी जानकारी है कि कल्याण लक्ष्मी और शादी मुबारक योजनाओं के तहत दी जाने वाली 1,01,116 रुपए की सहायता भी 20 से 30% तक बढ़ाए जाने का वादा किया जा सकता है। इनके अलावा महिलाओं को आरटीसी में मुफ्त यात्रा की भी वादा हो सकता है।
यह भी संभावना है कि बीआरएस मौजूदा आरोग्यश्री और आयुष्मान भारत योजनाओं को मिलाकर हेल्थ कार्ड पर ही आरोग्य भरोसा के नाम पर योग्य लोगों को 10 लाख रुपए तक की सहायता का इंतजाम कर सकती है। इस तरह से बीआरएस ने तीसरी बार सत्ता में वापसी के लिए पूरी पुख्ता तैयारी की है।












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