Operation Kaveri: संकटग्रस्त सूडान से 3800 से अधिक नागरिक स्वदेश लौटे, भावनाओं का ज्वार उमड़ा, VIDEO
Sudan crisis के कारण फंसे हजारों भारतीयों को वायुसेना के विशेष विमानों से भारत लाया गया। अब तक 3800 से अधिक लोगों को वापस लाया जा चुका है। जानिए स्वदेश लौटने वाले लोगों ने क्या बातें शेयर कीं।

Operation Kaveri के तहत नागरिकों को भारत लाने की प्रक्रिया जारी है। अनुमान के मुताबिक अब तक 3800 से अधिक लोग भारतीय वायुसेना के विमानों से स्वदेश लाए जा चुके हैं। गुरुवार रात को 190 से अधिक लोग अहमदाबाद पहुंचे।
भारत के नागरिकों को संकटग्रस्त सूडान से स्वदेश लाने के मिशन में जुटी भारतीय वायुसेना लगातार सैकड़ों लोगों को लेकर गुजरात और कर्नाटक पहुंच रही है। इंडिया में फ्लाइट के लैंड करते ही सुरक्षा का एहसास हो रहा है और लोगों की भावनाएं उमड़ रही हैं।
भारत ने खार्तूम में फंसे नागरिकों को बचाने के लिए ऑपरेशन कावेरी को तेज कर दिया है। गुरुवार को भारतीय वायु सेना की C-130J फ्लाइट 47 फंसे हुए भारतीयों को लेकर जेद्दाह से दिल्ली जाने वाले विमान से रवाना हुई।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने ट्वीट किया, ''सूडान से 47 लोगों को लेकर आईएएफ का सी-130जे विमान जेद्दा से दिल्ली के लिए रवाना हो रहा है। ऑपरेशन कावेरी के तहत सूडान से करीब 3800 लोगों को बचाया गया है।''
इससे पहले गुरुवार को सूडान में फंसे 192 भारतीय अहमदाबाद पहुंचे।
उन्हें भारतीय वायुसेना के सी17 विमान से पोर्ट सूडान से अहमदाबाद गुजरात लाया गया। बागची ने ट्वीट किया, उसी दिन एन'जमेना से 20 लोगों को चेन्नई और बेंगलुरु लाया गया।
सूडान में भारतीय दूतावास के अनुसार, "ऑपरेशन कावेरी" के तहत संघर्षग्रस्त सूडान से कुल 3,584 भारतीयों को निकाला गया है। समाचार एजेंसी ANI की रिपोर्ट के अनुसार, गुरुवार को नौ दिनों का अभियान पूरा हुआ।
वाडी सैय्यदना सैन्य हवाई अड्डे से एक सहित 5 भारतीय नौसेना के जहाजों और 16 भारतीय वायु सेना के विमानों को ऑपरेशन कावेरी में लगाया गया है। भारत लौटने पर एक यात्री सचिन राजाराम यादव ने कहा, भारत सरकार ने सराहनीय काम किया है।
नीचे देखिए लोगों की भावनाएं--
अहमदाबाद पहुंचे एक अन्य नागरिक ने भी कहा कि सूडान में उनका अच्छे तरीके से ध्यान रखा गया। भारतीय वायुसेना के विमान से उन्हें भारत लाया गया। सरकार की तरफ से मिली मदद के लिए आभारी हैं।
सात दिनों का युद्धविराम
दक्षिण सूडान के विदेश मंत्रालय के मंगलवार को एक बयान के अनुसार, सूडान में दो युद्धरत गुट, सूडानी सशस्त्र बल (एसएएफ) और अर्धसैनिक रैपिड सपोर्ट फोर्स (आरएसएफ) सात दिनों के युद्धविराम के लिए सहमत हुए हैं।
बयान में कहा गया है कि दोनों पक्षों ने यह भी कहा कि वे शांति वार्ता के लिए प्रतिनिधियों को "अपनी पसंद के सहमत स्थान पर आयोजित करने के लिए" भेजेंगे। हालांकि, सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार इस संबंध में SAF और RSF के आधिकारिक चैनलों की तरफ से कुछ भी नहीं कहा गया है।
सूडानी सेना के कमांडर अब्देल फत्ताह अल-बुरहान और आरएसएफ के नेता मोहम्मद हमदान डागलो एक समझौते पर पहुंचने में विफल रहे। अप्रैल के मध्य में दोनों पक्षों के बीच हिंसक झड़पें हुईं। सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार कम से कम 528 मौतें हुई हैं।
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