Oneindia Exclusive: भाजपा सांसद बोले- BJP गंगा की तरह पवित्र अविरल धारा, यहां आने वाला पवित्र हो जाएगा
लखनऊ, 14 जून। देश और प्रदेश में चुनाव की दस्तक के साथ ही नेताओं का दल-बदल शुरू हो जाता है। अपनी पुरानी पार्टी को छोड़ नेता दूसरे दल में राजनीतिक लाभ के लिए जाते हैं। हाल के कुछ उदाहरण की बाद करें तो मुकुल रॉय और जितिन प्रसाद हैं, एक तरफ जहां मुकुल रॉय पश्चिम बंगाल चुनाव से पहले टीएमसी छोड़ भाजपा में शामिल हुए और भाजपा की चुनाव में हार के बाद वापस टीएमसी में जुड़ गए तो दूसरी तरफ कांग्रेस नेता जितिन प्रसाद कांग्रेस छोड़ भाजपा में शामिल हो गए। दूसरे दलों के नेताओं के भाजपा में आने पर सपा से भाजपा में आए वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद अशोक बाजपेयी का कहना है कि भाजपा गंगा की तरह पवित्र और अविरल धारा है।

भाजपा गंगा की तरह पवित्र
वनइंडिया से खास बातचीत के दौरान अशोक बाजपेयी ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी गंगा की तरह एक पवित्र अविरल धारा है, इसमे जो भी आएंगे पवित्र हो जाएंगे। उनको मन-विचार परिवर्तित करके ही पार्टी में आना पड़ेगा और पार्टी की रीति और नीति के अनुरूप काम करेंगे, ये तो हम समाज परिवर्तन का काम कर रहे हैं, समाज में जहां जो भी लो आते हैं हम उनका स्वागत करते हैं। मुकुल रॉय पर अशोक बाजपेयी ने कहा कि ये देश के लोकतंत्र का दुर्भाग्य है, आयाराम और गया राम की परंपरा पिछले तीन दशक से चल रही है। ये स्वार्थ की राजनीति करने वाले लोग जहां देखते हैं कहीं सत्ता आने वाली है तो वहां दौड़ के जाते हैं और जब कहीं कोई निराशा होती है तो दौड़ के वापस चले जाते हैं, यो लोग मृगतृष्णा में जी रहे हैं, जहां भी इन्हें रेगिस्तान में पानी दिखता है तो उन्हें लगता है ये पानी है तो ये लोग वहां दौड़ के जाने लगते हैं। आज ऐसे लोगों से देश की राजनीति के मूल्य तय नहीं होंगे। स्वार्थी लोग आएंगे और जाएंगे, यह देश का दुर्भाग्य है।
खुद के दल-बदल पर कही ये बात
हालांकि खुद अलग-अलग दलों में रहने के सवाल पर अशोक बाजपेयी ने कहा कि मैं दलों में नहीं गया, मैं जनता पार्टी में 1977 में था और विधायक बना मंत्री बना, उसके बाद जनता पार्टी टूट गई, मैं इसके बाद लोकदल में चला गया, 1989 के आते-आते लोकदल में भी टूट गया फिर मैं सपा में जुड़ा, लेकिन मैं उसी मूल्य और विचार को लेकर आगे चलता रहा। मैं सपा की स्थापना कमेटी का हिस्सा था, लेकिन जब मुझे लगा कि समाजवादी पार्टी रास्ते से भटक गई है, जिन मूल्यों के लिए हम लोगों ने संघर्ष करके सपा को बनाया था और यूपी की जनता के विश्वास को अर्जित किया था, वो सपा अब वो सपा नहीं रही, अब नाम केवल समाजवादी रह गया है, इस पार्टी में सामंतवाद, वैभव, भू माफिया का वर्चस्व है और फिर जब मुलायम सिंह जी को पार्टी के अध्यक्ष पद से हटा दिया गया तो मैंने सपा से अलग होने का फैसला लिया।
भाजपा राष्ट्र गौरव बढ़ाने वाली एकमात्र पार्टी
अशोक बाजपेयी ने कहा कि मैंने देश हित में राष्ट्र के गौरव को बढ़ाने वाली एकमात्र पार्टी भाजपा में जाने का फैसला लिया। भाजपा ने मुझे अपेक्षा से ज्यादा सम्मान दिया, दूसरे दल से मैं आया था, पार्टी में मेरा कोई योगदान नहीं था, बावजूद इसके मुझे राज्यसभा का सदस्य बनाया गया। मैं पार्टी के हर संघर्ष और अच्छे काम में पार्टी के साथ रहूंगा और बतौर पार्टी के कार्यकर्ता आजीवन काम करूंगा। पीएम मोदी और योगी देश हित में काम करते हैं, ये ऐसे लोग हैं जिनका परिवारवाद नहीं है, उन्हें अपने व्यक्तिगत लाभ के लिए कुछ भी हासिल नहीं करना है। लिहाजा मैं पार्टी के साथ हमेशा जमीनी काम करता रहूंगा।












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