One Nation One Election: 18 पन्नों की विस्तृत रिपोर्ट JPC सदस्यों को सौंपी गई, कांग्रेस ने जताई आपत्ति
One Nation One Election: एक देश एक चुनाव संबंधी दो विधेयक पर संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) ने हाल ही में अपनी पहली बैठक बुलाई। इस सत्र के दौरान, भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के सदस्यों ने इस पहल के लिए अपना समर्थन व्यक्त किया, जबकि विपक्षी सांसदों ने अपनी चिंताएं व्यक्त कीं। कानून मंत्रालय ने जेपीसी सदस्यों को समीक्षा के लिए एक नीले सूटकेस में 18,000 पन्नों की एक विस्तृत रिपोर्ट प्रदान की।
वहीं, दूसरी तरफ कांग्रेस ने इस विधेयक की आलोचना करते हुए इसे असंवैधानिक और भारत के लोकतांत्रिक ढांचे के लिए हानिकारक बताया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने विधेयक को लागू करने की आर्थिक व्यावहारिकता पर सवाल उठाए। उन्होंने इसकी लागत-प्रभावशीलता और आवश्यक इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) की संख्या के बारे में सवाल उठाए।

बैठक के बाद आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर रिपोर्ट वाले सूटकेस के साथ एक तस्वीर साझा की, जिसमें बताया गया कि इसे एक देश-एक चुनाव पर पहली जेपीसी बैठक के दौरान प्रस्तुत किया गया था। संजय सिंह ने लिखा, 'एक देश-एक चुनाव की JPC में हज़ारों पन्ने की रिपोर्ट मिली है। आज ONOE की JPC मीटिंग की पहली मीटिंग हुई।'
विधि मंत्रालय ने प्रस्तुति की रुपरेखा
पीटीआई के सूत्रों के अनुसार, बैठक के दौरान विधि एवं न्याय मंत्रालय के अधिकारियों ने प्रस्तावित कानूनों के प्रावधानों की रूपरेखा प्रस्तुत की। लोकसभा और विधानसभा चुनावों को एक साथ कराने की अवधारणा को भारत के विधि आयोग सहित विभिन्न संस्थाओं से समर्थन मिला। भाजपा सदस्यों ने तर्क दिया कि 'एक राष्ट्र एक चुनाव' राष्ट्रीय हितों की पूर्ति करता है।
विपक्ष की संवैधानिक चिंताएँ
कांग्रेस के एक सदस्य ने तर्क दिया कि यह प्रस्ताव संविधान के मूल ढांचे के विपरीत है, जबकि तृणमूल कांग्रेस के एक सांसद ने तर्क दिया कि यह नागरिकों के लोकतांत्रिक अधिकारों का उल्लंघन करता है। 39 सदस्यीय जेपीसी का नेतृत्व भाजपा सांसद पीपी चौधरी कर रहे हैं और इसमें कांग्रेस से प्रियंका गांधी, जेडीयू से संजय झा, शिवसेना से श्रीकांत शिंदे, आप से संजय सिंह और तृणमूल कांग्रेस से कल्याण बनर्जी जैसे सभी प्रमुख दलों के प्रतिनिधि शामिल हैं।
प्रस्तावित संशोधनों का विवरण
एक राष्ट्र एक चुनाव से संबंधित संविधान (129वां संशोधन) विधेयक और केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक को लोकसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान पेश किया गया था और विचार-विमर्श के लिए इस समिति को भेजा गया था। जेपीसी की भूमिका सरकार को सिफारिशें देने से पहले हितधारकों और विशेषज्ञों के साथ व्यापक चर्चा करना है।
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