Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

One Nation One Election: 'एक साथ चुनाव' पर जेडीयू भी असमंजस में, विपक्ष ने बताया असंवैधानिक

One Nation One Election: 'एक राष्ट्र, एक चुनाव' विधेयक पर चर्चा के लिए गठित संयुक्त संसदीय समिति की पहली बैठक में भाजपा की सहयोगी जेडी(यू) और विपक्षी दलों ने विधेयक की व्यवहार्यता और कार्यान्वयन को लेकर कई सवाल उठाए। यह विधेयक पिछले संसदीय सत्र में पेश किया गया था, जिसका उद्देश्य देशभर में चुनावों को एक साथ आयोजित करना है।

विपक्षी दलों ने इस विधेयक की संवैधानिकता और संघीय ढांचे पर इसके प्रभाव को लेकर सवाल उठाए। उनका कहना है कि 'एक साथ चुनाव' का विचार संविधान और संघवाद के सिद्धांतों के खिलाफ है। भाजपा की सहयोगी पार्टी जेडी(यू) ने पूछा कि अगर किसी कार्यकाल में सरकारें बार-बार गिरती हैं तो इस स्थिति में चुनावी खर्च को कैसे कम किया जाएगा। वहीं, वाईएसआरसीपी ने ईवीएम पर भरोसा जताने में असमर्थता जाहिर की और बैलेट पेपर पर लौटने का सुझाव दिया।

One Nation One Election JPC

विधेयक पर विस्तृत समीक्षा

समिति 39 सदस्यों की है, जो दो विधेयकों की समीक्षा कर रही है। इनमें एक संविधान संशोधन विधेयक है, जो लोकसभा और राज्य विधानसभाओं के कार्यकाल को एक समान करने का प्रावधान करता है। दूसरा विधेयक केंद्र शासित प्रदेशों और दिल्ली से जुड़े कानूनों में संशोधन से संबंधित है, ताकि देशभर में एक साथ चुनाव कराए जा सकें।
ये भी पढ़ें: One Nation One Election: 18 पन्नों की विस्तृत रिपोर्ट JPC सदस्यों को सौंपी गई, कांग्रेस ने जताई आपत्ति

बैठक के दौरान कानून मंत्रालय के अधिकारियों ने विधेयकों की पृष्ठभूमि, उनके तर्क और प्रस्तावों पर प्रेजेंटेशन दिया। जेडी(यू) ने इस प्रक्रिया के लिए आवश्यक लॉजिस्टिक्स पर सवाल उठाए।

One Nation One Election पर सभी का दृष्टिकोण

एनडीए के सदस्यों ने इस विधेयक का समर्थन किया। उनका कहना है कि यह नया विचार नहीं है और 1957 से इस पर चर्चा होती रही है। उनका मानना है कि इससे चुनावी खर्च कम होगा और प्रशासन बेहतर तरीके से काम कर सकेगा।

दूसरी ओर, तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने समिति से इस विषय पर विस्तृत समीक्षा के लिए एक साल का समय मांगा है। टीएमसी ने सरकार के इस तर्क का विरोध किया कि बार-बार चुनाव होने से "नीतिगत पक्षाघात" होता है। उनका कहना है कि आचार संहिता केवल उन राज्यों पर लागू होती है, जहां चुनाव हो रहे होते हैं।

JPC की गोपनीयता

समिति की कार्यवाही गोपनीय रहती है, और बैठकों के दौरान सदस्यों के विचार सार्वजनिक नहीं किए जाते। इसका उद्देश्य है कि सदस्य स्वतंत्र रूप से विचार-विमर्श कर सकें।

समिति विधेयक से जुड़े विभिन्न पहलुओं की समीक्षा कर रही है। यह समिति अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने के बाद 'एक राष्ट्र, एक चुनाव' के संभावित प्रभावों पर आगे की चर्चा का आधार तय करेगी।
ये भी पढ़ें: JPC Members: सांसद जो पहली बार पहुंचे संसद और बन गए JPC पैनल का हिस्सा, कौन से चर्चित चेहरे लिस्ट में शामिल?

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+