Emergency की बरसी पर अरुण जेटली ने हिटलर से की इंदिरा गांधी की तुलना
नई दिल्ली। आपातकाल को लोग भारतीय इतिहास का काला अध्याय कहते हैं, भाजपा इसकी बरसी को जहां आज 'ब्लैक डे' के रूप में मना रही है, वहीं वित्त मंत्री अरुण जेटली ने इंदिरा गांधी की तुलना हिटलर से कर डाली है। अरूण जेटली ने इस मामले में एक के बाद एक, कई ट्वीट किए हैं, जिसमें उन्होंने तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की तुलना तानाशाह हिटलर से की है।
इमरजेंसी के दौरान देश में खौफ का माहौल था....
जेटली ने ट्वीट किया कि इमरजेंसी के दौरान देश में खौफ का माहौल था, जिसने मुझे पूरी तरह से बदल दिया। आरएसएस और विपक्षी राजनीतिक दलों के नेता उसका विरोध कर रहे थे और लगातार सत्याग्रह किया जा रहा था। हिटलर और श्रीमती गांधी दोनों ने लोकतंत्र को तानाशाही में बदलने के लिए संविधान का उपयोग किया था।
अरुण जेटली ने की इंदिरा गांधी और हिटलर की तुलना...
हिटलर ने अधिकांश विपक्षी संसद सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया और अपनी अल्पमत वाली सरकार को संसद में 2/3 बहुमत सरकार में परिवर्तित कर दिया, वो ही काम इंदिरागांधी ने भी किया।इमरजेंसी से हमें सबक मिलता है कि हम बोलने की आजादी या जनता के हनन पर पाबंदी लगाते हैं तो उसका खामियाजा हमें ही भुगतना पड़ेगा।
रिट पिटीशन जारी करके कम करने की कोशिश की....
अरुण जेटली ने लिखा है, 'एक शक्ति जिसे डॉ अम्बेडकर ने कहा था कि वह भारत के संविधान का दिल और आत्मा है, उसे 42वें संशोधन के जरिए रिट पिटीशन जारी करके कम करने की कोशिश की। उन्होंने अनुच्छेद 368 में भी संशोधन किया ताकि एक संविधान संशोधन न्यायिक समीक्षा से परे है ये केवल निंदनीय कृत्य था।
जेटली ने साधा कांग्रेस पर निशाना
आपको बता दें कि एक दिन पहले ही जेटली ने आपातकाल पर एक लेख लिखा था, इसमें भी उन्होंने लिखा था कि इंदिरा गांधी की सरकार ने 40 साल से अधिक समय पहले किस तरह एक गलत आपातकाल लागू किया था और लोकतंत्र को एक संवैधानिक तानाशाही में तब्दील कर दिया था।












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