Air Pollution से बढ़ा दिल की बीमारी का खतरा, नए शोध में सामने आई चौंकाने वाली बातें
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नई दिल्ली। प्रदूषण की शिकार दिल्ली को रविवार को भी प्रदूषण से राहत नहीं मिली है, आज भी यहां के लोधी रोड इलाके में पीएम 2.5 का स्तर 230 दर्ज किया गया जबकि पीएम 10 का स्तर 218 दर्ज किया। ये दोनों स्तर ही खराब श्रेणी में माने जाते हैं, हालांकि वायु की गुणवक्ता में पहले से सुधार हुआ है और आने वाले तीन दिनों में ये सुधार बढ़ेगा, एक तरफ तो बढ़ते प्रदूषण ने लोगों के परेशान किया हुआ है तो वहीं दूसरी ओर एक हेल्थ शोध की रिपोर्ट ने भी लोगों के माथे पर बल ला दिया है।

Pollution से बढ़ा दिल की बीमारी का खतरा
बार्सिलोना इंस्टीट्यूट फॉर ग्लोबल हेल्थ के एक शोध में कहा गया है कि बढ़ते वायु प्रदूषण की वजह से लोग कम उम्र में दिल की बीमारी के शिकार हो रहे हैं, शोध कहता है कि कम और मध्यम इनकम वाले देशों में वायु प्रदूषण पर तत्काल प्रभाव से काम करने की जरूरत है क्योंकि बढ़ता प्रदूषण यहां के लोगों के लिए काफी घातक साबित हो रहा है। अध्ययन में पता चला है कि ज्यादातर लोगों को वायु में पाए जाने वाले छोटे-छोटे कणों के कारण दिल का दौरा पड़ने का गंभीर खतरा बना रहता है।

वायु में पाए जाने वाले छोटे-छोटे कणों के कारण दिल का दौरा पड़ता है
आबादी और वायु प्रदूषण के स्तर के कारण उच्च आय वाले देशों के अध्ययन के मुकाबले इन देशों के अध्ययन के नतीजों में काफी अंतर देखने को मिला है, शोधकर्ताओं ने यह अध्ययन दक्षिण भारत के उपनगरीय इलाकों में किया है, अध्ययन में पता चला है कि ज्यादातर लोगों को वायु में पाए जाने वाले छोटे-छोटे कणों के कारण दिल का दौरा पड़ने का गंभीर खतरा बना रहता है, इस शोध में हैदराबाद और तेलंगाना के 3372 लोगों को शामिल किया गया है।

प्रदूषित वातावरण
शोध के लिए भारत के उन इलाकों को चुना गया , जहां लो इनकम वाले लोग प्रदूषण के शिकार हैं, जो दिन के 24 घंटे का 60 प्रतिशत से ज्यादा हिस्सा प्रदूषित वातावरण में व्यतीत करते हैं, शोध में कहा गया है कि इस गंभीर मुद्दे पर तत्काल एक्शन लेने की जरूरत है, वरना स्थिति और भयावह होगी।

अपना ख्याल खुद रखें
- घर से बाहर निकलते समय मास्क जरूर पहनें।
- हरियाली बढ़ाएं, इम्युनिटी बढ़ाने वाली चीजें खाएं
- घर से आसपास कचरा न जलाएं।
- छोटे बच्चों को ऐसे पार्क में खेलने न भेजें जिसके आसपास से बहुत ज्यादा ट्रैफिक गुजरता है।
- इसके बजाए इनडोर एक्टिविटीज पर ही जोर दें।
- खानपान में ओमेगा-3 फैटी एसिड का सेवन बढ़ाएं। जैसे - सोयाबीन, अखरोट, समुद्री मछली, काजू, अलसी का बीज।
- विटामिन-सी युक्त चीजें खाएं। संतुलित भोजन करें और पर्याप्त नींद लें।
- नियमित एक्सरसाइज करें।
- खासतौर पर फेंफड़ों के लिए फायदेमंद प्राणायाम करें।












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