पीएम मोदी के इवांका ट्रंप को दिए इनवाइट को किसने कहा चालाकी वाली डिप्लोमैसी और क्यों?
श्रीनगर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को एक और अमेरिकी दौरा खत्म कर लिया। पीएम मोदी व्हाइट हाउस में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और फर्स्ट लेडी मेलानिया ट्रंप से भी मिले। पीएम मोदी ने ट्रंप की बेटी इवांका ट्रंप को ग्लोबल एंटरप्रेन्योरशिप समिट (जीईएस) में शामिल होने के लिए भारत आने का न्यौता भी दिया। जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने इस कदम को मोदी की चालाकी वाली डिप्लोमैसी करार दिया है। कहीं न कहींं उमर अब्दुल्ला की बात में दम है क्योंकि आज इवांका व्हाइट हाउस में काफी पावरफुल पोजीशन पर हैं। भारत के लिए यह पहला मौका है जब वह जीईएस की मेजबानी करेगा।इससे पहले आठ बार अमेरिका इसका मेजबान रह चुका है। अमेरिका से पहले टर्की, यूएई, मलेशिया, मोरक्को और केन्या इस समिट के आयोजक रह चुके हैं।
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इस वर्ष भारत आएंगी इवांका
पीएम मोदी ने इवांका ट्रंप को भारत में होने वाली ग्लोबल एंटरप्रेन्योरशिप समिट के लिए भारत आने का इनवाइट दिया है। इवांका ट्रंप ने पीएम मोदी के इस इनवाट पर ट्वीट कर उन्हें थैंक्स कहा तो उनके पिता राष्ट्रपति ट्रंप ने भी इस इनवाइट के लिए मोदी का आभार जताया। उमर अब्दुल्ला ने इस इनवाइट पर ट्विटर पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने लिखा कि यह इनवाइट देखकर पीएम मोदी ने काफी चलाकी भरी डिप्लोमैसी का प्रदर्शन किया है। इवांका अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल की अगुवाई करेंगी।

ट्रंप की कमजोरी इवांका
वह जानते हैं कि इवांका और परिवार ट्रंप की कमजोरी है। उमर का मानना है कि इवांका व्हाइट हाउस में सत्ता का केंद्र हैं और ऐसे में यह पीएम मोदी का एक मास्टरस्ट्रोक हो सकता है। उमर की बात काफी हद तक सही है क्योंकि ट्रंप के कई फैसलों में इवांका की भूमिका काफी अहम रही है।

हर बड़े फैसले में इवांका
ट्रंप ने जब अमेरिकी कांग्रेस में पहला संबोधन दिया तो उसमें मुसलमानों के लिए सकारात्मक विचार रखे। कहा गया था कि उनकी इस स्पीच के पीछे उनकी बेटी इवांका का हाथ था। इसके बाद जब अमेरिका ने सीरिया पर हुए केमिकल अटैक की प्रतिक्रिया स्वरूप मिसाइलें दागीं तो उसके पीछे भी इवांका ट्रंप का रोल नजर आया।

पहली पत्नी की बेटी हैं इवांका
इवांका ट्रंप की पहली पत्नी इवाना की बेटी हैं और ट्रंप प्रशासन में सलाहकार की भूमिका में हैं। उनके पति जेरार्ड कश्नर जो कि इजरायली हैं, उन्हें भी ट्रंप ने प्रशासन में काफी अहम स्थान दिया हुआ है। ट्रंप ने चुनावों से पहले ही यह बात साफ कर दी थी कि अगर वह राष्ट्रपति चुने गए तो फिर उनकी बेटी को व्हाइट हाउस में एक सक्रिय भूमिका अदा करनी पड़ेगी।

व्हाइट हाउस के लिए सबसे अहम हैं इवांका
इसके अलावा अमेरिकी राजनीति इतिहास की पहली ऐसी फर्स्ट डॉटर हैं जो राजनीति में ज्यादा सक्रिय नहीं रहीं लेकिन अब वह अपने पिता की ही तरह सुर्खियों में रहती हैं। ट्रंप के हर बड़े फैसले में इवांका की भूमिका सबसे ऊपर होती है। अगर इवांका भारत आती हैं तो निश्चित तौर पर वह भारत से जुड़े अपने पिता के कई नीतिगत फैसलो में एक बड़ी भूमिका निभाएंगी। इवांका का भारत आना, बिजनेस के लिहाज से भारत के लिए काफी महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।












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