पुराने घोषणापत्र में किए गए वादे कांग्रेस को तेलंगाना में कर रहे हैं परेशान
गारंटियों के इर्द-गिर्द घूमने वाली अपनी चुनावी बयानबाजी के बिल्कुल विपरीत कांग्रेस को 2004 और 2009 के अपने चुनावी घोषणापत्रों में किए गए वादे उसकी गले की फांस बन गए हैं। उन वादों को पूरा ना कर पाने के चलते कांग्रेस को गंभीर आलोचना का सामना करना पड़ रहा है।
'किसानों को सीधी आय सहायता' का पार्टी का चुनावी वादा इस बात का ज्वलंत उदाहरण बन गया है कि, कैसे कांग्रेस किसानों से की गई प्रतिबद्धताओं को लागू करने में बुरी तरह से विफल रही है।

एक दशक तक देश पर शासन करने के बावजूद, कांग्रेस ने कभी भी किसानों के लिए ऐसी कोई योजना लागू नहीं की। हालांकि उसने अपने घोषणापत्र में लगातार दो बार एक ही वादा दोहराया। इसे कांग्रेस के 2004 और 2009 के चुनाव घोषणापत्रों में उनकी आधिकारिक वेबसाइट पर देखा जा सकता है।
बुधवार को सोशल मीडिया पर यूजर्स ने अपने वादों को लागू करने में कांग्रेस की विफलताओं को शेयर किया है। उन्होंने बताया कि कांग्रेस अपने वादों को दो बार पूरा नहीं कर सकी है। जबकि 2018 में तेलंगाना 'रायथु बंधु योजना' शुरू करने वाला देश का पहला राज्य बन गया। जो भारत में पहला प्रत्यक्ष कृषि इनपुट सहायता कार्यक्रम है। उन्होंने कांग्रेस के खोखले वादों और बीआरएस द्वारा उठाए गए सक्रिय कदमों के बीच स्पष्ट अंतर को साझा किया।












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