Okhi Cyclone: निर्मला सीतारमण ने कहा- गायब लोगों को खोजने की उम्मीद नहीं छोड़ी
तिरुवनंतपुरम। चक्रवात ओखी की वजह से तबाही के बीच, रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को कहा कि वह आशा नहीं छोड़ेंगी और समुद्र में फंसे मछुआरों को खोजने में कोई कसर नहीं छोड़ा जाएगा। सीतारमण ने तिरुवनंतपुरम में संवाददाताओं से कहा, 'मैं एक मिनट के लिए भी उम्मीद नहीं खोऊंगी, क्योंकि 15 दिन पहले जो नौकाएं निकली थीं, वे मछुआरों के साथ वापस आ सकती हैं, फिर हम हर किसी को वापस लाने का हर प्रयास करेंगे।' रक्षा मंत्री ने बताया कि खोज अभियान में 11 मछुआरों के साथ नौसेना भी शामिल है। उन्होंने बताया कि मछुआरे पूछ रहे थे कि क्या वे सर्च ऑपरेशन में शामिल हो सकते हैं, और मैं सहमत हो गई। अब उनमें से 11 हेलीकॉप्टर में हैं, इसलिए मछुआरों के सहयोग से हम अपनी खोज और बचाव दल के अभियान को जारी रखेंगे।

रक्षा मंत्री ने कहा कि जो लोग पाए गए हैं उनके बारे में नौसेना और अधिकारियों द्वारा उन्हें हर घंटे की जानकारी दी गई है। सीतारमण ने कहा कि, 'मैंने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री से बात की है ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि जो नौकाएं वहां पहुंच गई हैं, उनकी सुरक्षित देखभाल और भोजन, कपड़े और सब कुछ मुहैया कराया जाए। जब समुद्र शांत हो जाए, तो वे वापस आ सकते हैं'।
गौरतलब है कि देश के दक्षिणी हिस्से में चक्रवाती तूफान 'ओखी' से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो चुका है। मौसम विभाग ने मौसम के पहले तूफान की चेतावनी जारी कर दी है। इसका कहर ऐसा है कि तमिलनाडु, दक्षिण केरल और लक्षद्वीप में अब तक 13 लोगों की जान जा चुकी है। 'ओखी' तूफान का नाम बांग्लादेश का दिया हुआ है, जिसका बंगाली में मतलब 'आंख' होता है।












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