वीके पांडियन: एक नई जिम्मेदारी, फिर नई शुरुआत

ओडिशा में एक नई शुरुआत हुई है। प्रदेश के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने एक बड़ा राजनीतिक फैसला लिया है। वह जननायक हैं और राज्य की जनता को विकास का लाभ मिलता रहे, इस नजरिए से उन्होंने अपने खास सहयोगी वीके पांडियन पर भरोसा जताया है, ताकि अगली पीढ़ी के लिए एक नया और ऊर्जावान राजनीतिक नेतृत्व तैयार हो रहे।

यह काफी वक्त से लंबित फैसला है। यह राज्य की जनता की चाहत भी है और मजबूत नेतृत्व की आवश्यकता का परिणाम भी है, जो मुख्यमंत्री नवीन पटनायक की कल्पना के मुताबिक एक नए ओडिशा के निर्माण के लिए काम करेगा।

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खास बात ये है कि पांडियन की राजनीति में एंट्री कार्तिक पूर्णिमा के शुभ दिन को हुई है। यह एक जवाबदेह, स्थायी, पारदर्शी, प्रभावशाली और जिम्मेदार नेतृत्व के आगाज का प्रतीक बन सकता है, जो ओडिशा के विकास के पथ को निरंतर गतिशील बनाए रखेगा।

ओडिशा के सीएम नवीन पटनायक देश के उन कुछ चुनिंदा नेताओं में से हैं, जिन्होंने भारतीय राजनीति पर एक अमिट छाप छोड़ी है। उन्होंने 1997 में राजनीति में एंट्री ली और साल 2000 में मुख्यमंत्री बने और राज्य में सबसे लंबे समय तक सीएम रहने वाले नेता बन गए और उनके मार्गदर्शन में ओडिशा की प्रगति लगातार जारी है।

नई सहस्राब्दी में उनके नेतृत्व के साथ ओडिशा में विकास के एक नए युग की शुरुआत हुई है। उन्होंने 25 साल पहले बीजू जनता दल का गठन किया था, जो आज सिर्फ एक राजनीतिक पार्टी नहीं रह गया है, बल्कि एक जन-आंदोलन बन चुका है। इसका एकमात्र लक्ष्य है- बीजू बाबू के आदर्शों पर आम आदमी का कल्याण।

अब समय आ गया है कि एक नए नेतृत्व को आगे लाकर समाज के प्रति इसकी बड़ी जिम्मेदारियों को अगले स्तर पर ले जाया जाए। वीके पांडियन मुख्यमंत्री नवीन पटनायक के लिए सबसे भरोसेमंद सहयोगी रहे हैं। 2011 में जबसे पांडियन ने पटनायक के निजी सचिव की जिम्मेदारी संभाली है, दोनों नेताओं के बीच रिश्ते और ज्यादा मजबूत एवं व्यापक होते गए हैं। यह रिश्ता पिता और पुत्र के रिश्ते से जरा भी कम नहीं रहा है और एक दशकों से भी ज्यादा समय से पटनायक का पिता तुल्य हाथ हमेशा पांडियन के सिर पर रहा है।

मुख्यमंत्री और उनके सबसे खास सहयोगी के बीच एक और संबध है। यह संबंध है गुरु और शिष्य का। सीएम नवीन ने पांडियन को एक अच्छे नेता वाले गुण दिए। आज पांडियन यहां तक पहुंचे हैं तो यह पटनायक के मार्गदर्शन का ही नतीजा है।

नवीन पटनायक अपनी सादगी, अनुशासन, संयम, ईमानदारी और दूरदर्शिता जैसे गुणों के लिए जाने जाते हैं और यही सारे गुण वीके पांडियन में भी नजर आते हैं। पटनायक जहां ओडिशा के विकास और राज्य के लोगों के कल्याण के प्रति समर्पित रहे हैं, वहीं पांडियन ने एक अनुशासित और आज्ञाकारी शिष्य की भूमिका निभाते हुए हर कदम पर उनका साथ दिया है।

जब पांडियन ने सिविल सेवा से इस्तीफा दिया था, तभी से उनके सक्रीय राजनीति में आने की अटकलें शुरू हो गई थीं। जब सीएम ने उन्हें 5टी ट्रांसफॉर्मेशनल इनिशिएटिव और नबीन ओडिशा का चेयरमैन नियुक्त किया तो राज्य की जनता ने खुले दिल से इसका स्वागत किया। अब जिस तरह से वे औपचारिक तौर पर बीजेडी में शामिल हुए हैं तो यह साफ संकेत देता है कि मुख्यमंत्री चाहते हैं कि वह राज्य में एक बड़ा रोल निभाने के लिए तैयार हो जाएं।

एक ईमानदार लोक सेवक के रूप में वीके पांडियन की पहचान स्थापित हो चुकी है। उन्होंने साल 2000 में ओडिशा में आईएएस के तौर पर अपना करियर शुरू किया और दो दशकों से ज्यादा लंबे समय से राज्य के लोगों की सेवा में लगे हैं। इस दौरान वह ओडिशा में सब-कलेक्टर से लेकर राज्य प्रशासन के बड़े अधिकारी तक के रोल में अहम भूमिका निभा चुके हैं। वह प्रदेश में सुशासन के प्रतीक बन चुके हैं। उनके कार्यकाल में राज्य में इस तरह के प्रशासनिक पहल पर अमल हुए, जिससे जनता शासन के और भी करीब आ सकी है।

ओडिशा में करीब 24 साल की सेवा में पांडियन ने राज्य की जनता में अपनी अच्छी छवि बनाई है। राज्य के लोगों के साथ उनका रिश्ता एक मिसाल की तरह है। वह जहां भी गए, वहां के लोगों के दिलों में अपने लिए एक खास जगह बना ली। चाहे, कालाहांडी, मयूरभंज, सुंदरगढ़ या गंजम हो, उनका नाम विकास से जुड़ चुका है। उन्होंने जमीनी स्तर पर जिस तरह से जनता में सरकार के प्रति भरोसे को मजबूत किया है, ऐसे उदाहरण नहीं मिलते। करीब ढाई दशकों तक वह ओडिशा के लोगों से इस तरह से घुल-मिल चुके हैं कि वह असली उड़िया को भी पीछे छोड़ देते हैं। यह रिश्ता अब कुछ वर्षों का नहीं रह गया है, अब उनका ओडिशा के लोगों के साथ जीवन भर का रिश्ता कायम हो चुका है।

पिछले कुछ महीनों में पांडियन ने जिस तरह से राज्य के जिलों का दौरा किया है, लोगों की शिकायतें सुनी हैं और उनसे फीडबैक लिया है, ऐसा देश में पहले कभी नहीं देखा गया। उन्होंने लोगों से बातचीत के समय और उनसे विस्तार से चर्चा के दौरान उड़िया पर खास जोर दिया। ओडिशा के 30 जिलों के लोगों के साथ सीधी चर्चा और जनता की शिकायतों के निपटारे के प्रति उनका समर्पण जन समस्याओं के समाधान को अगले चरण में लेकर पहुंच चुका है।

वीके पांडियन के करियर के लिए मुख्यमंत्री नवीन पटनायक का उन्हें अपना निजी सचिव बनाने का फैसला टर्निंग प्वाइंट साबित हुआ है। उन्हें ऐसा नेतृतव मिला, जिनके मार्गदर्शन में वह प्रदेश के विकास के लिए अपने टैलेंट का भरपूर इस्तेमाल कर सके। ओडिशा आज विकास के जिन बुलंदियों पर पहुंचा है, उसमें मुख्यमंत्री के सहयोगी के रूप में उनका बेजोड़ योगदान है।

राज्य को चाहे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना हो या स्वास्थ्य और शिक्षा के बुनियादी ढांचे में बदलाव सब में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण रही है। इसी तरह राज्य में हुए शानदार निवेश, औद्योगिक गतिविधियों में तेजी, कृषि के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता, विरासत स्थलों का पुनर्विकास या फिर विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों के माध्यम से जनता के जीवन में सुधार करना, पांडियन का रोल बहुत बड़ा रहा है। इसकी वजह ये रही कि उनकी पहुंच जमीनी स्तर तक रही है और वह आम आदमी की जरूरतों को समझने में माहिर रहे हैं, इससे सरकार ऐसी नीतियां बना सकी, जिससे लोगों के जीवन पर सकारात्मक प्रभाव पड़ सके।

नवीन पटनायक ने जिस तरह से उन्हें राजनीतिक भूमिका के लिए चुनाव है, उसके पीछे की वजह ये लगती है कि वह युवा भी हैं और ऊर्जावान भी, जिसकी वजह से वह अगली पीढ़ी की पसंद हैं। मात्र 49 साल की उम्र में लोगों के साथ डील करने का उनका अनुभव बेमिसाल है और सीएम पटनायक के लिए इससे बड़ी बात क्या हो सकती है।

यूं समझ लें तो पांडियन को मुख्यमंत्री का आशीर्वाद तभी से मिल रहा है, जबसे वे भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी के तौर पर ओडिशा कैडर के लिए नियुक्त हुए। सीएम के निजी सचिव के तौर पर 12 साल के उनके लंबे कार्यकाल ने उन्हें इस दौरान मुख्यमंत्री की ओर से लिए जाने वाले हर फैसले और नीतियों का अहम हिस्सा बना दिया। वह सरकार के सभी कार्यक्रमों और नीतियों की योजनाएं तैयार करने और उसपर अमल करने में पूर्ण रूप से शामिल रहे।

पांडियन की राजनीतिक यात्रा भले ही अब शुरू हुई हो, लेकिन ओडिशा की राजनीतिक परिस्थितियों की उन्हें अच्छी समझ है। उनके लंबे कार्यकाल की वजह से राज्य के सभी हिस्सों के राजनीतिक परिदृश्यों से वे पूरी तरह से परिचित हैं। उन्हें प्रदेश की अन्य राजनीतिक दलों की भी अच्छी समझ है। उनके लिए विपक्ष से निपटना कोई बड़ी चुनौती नहीं है और बीजू जनता दल को नई ऊंचाइयों पर ले जाना भी उनके लिए मुश्किल नहीं है। निश्चित तौर पर उनके पार्टी में शामिल होने से बीजेडी और मजबूत बनेगा।

आज ओडिशा सीएम नवीन पटनायक की परिकल्पना के मुताबिक 5टी पहल से प्रेरित होकर चहुंमुखी विकास के पथ पर अग्रसर है। इस बदलाव के पीछे पांडियन का प्रयास इस तरह से शामिल हो चुका है, जो कि अमिट है। पटनायक का 5-टी मंत्र राज्य सरकार के सभी विकास कार्यक्रमों और परिवर्तन का मुख्य आधार रहा है। इस व्यवस्था के तहत ओडिशा में आम आदमी को केंद्र बिंदु बनाकर शासन व्यवस्था में बदलाव किया जा रहा है। ऐसे में सीएम ने उन्हें 5टी पहल की कमान सौंपी है, तो इसका आधार उनका शानदार करियर है।

5टी पहले के तरह राज्य में सभी क्षेत्रों का बदलाव हो रहा है। इसके तहत स्वास्थ्य सेवाएं, शिक्षा, अर्थव्यवस्था, कृषि, धार्मिक स्थलों का विकास और उनका सांस्कृतिक महत्त्व, आधुनिकीकरण सब चीजों पर जोर दिया जा रहा है। इन कोशिशों के पीछे वीके पांडियन का रोल अहम है। इन सभी क्षेत्रों में राज्य में जो विकास हुआ है, वह पूरे देश के लिए अभूतपूर्व है।

5टी पहल के तहत 'Mo सरकार' ने राज्य में शासन को बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। टेक्नोलॉजी की मदद से आम लोगों के लिए सरकारी सेवाओं तक पहुंच आसान हो गई है और इसकी वजह से दफ्तरों में कार्य संस्कृति में भी बदलाव हो रहा है।

पांडियन की सोच की उपज 'अमा ओडिशा नबीन ओडिशा' भी है, जिसे राज्य की संस्कृति और परंपराओं की रक्षा के लिए ओडिशा में लागू किया जा रहा है। सामाजिक समानता और परिवर्तन लाने का यह महान विचार पांडियन की दूरदर्शी कोशिशों का एक और उदाहरण है। यह राज्य भर के ग्रामीण इलाकों में सतत विकास ला रहा है।

जब से पांडियन ने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ली है, अनगिनत लोगों की ओर से उन्हें नई जिम्मेदारियों के लिए शुभकामनाएं मिल रही हैं। समाज का शायद ही कोई वर्ग बचा हो, जिसने पांडियन की बदली भूमिका और नए प्रयासों का समर्थन नहीं किया हो। लोगों को उम्मीद है कि पटनायक के मार्गदर्शन में वह नेतृत्व करने को तैयार हैं। इससे यह पता चलता है कि लोगों के मन में उनके प्रति कितना प्यार है, जो चाहते हैं कि सीएम ने जो शुरुआत की है, उस विरासत को उनके आशीर्वाद से पांडियन आगे बढ़ाते रहें।

भले ही पांडियन ने अब बीजू जनता दल ज्वाइन किया हो, लेकिन पार्टी और इसके नेताओं ने काफी पहले ही उन्हें अपने नेता के रूप में स्वीकार कर लिया था। पार्टी कैडर में उनके शामिल होने से जबर्दस्त उत्साह है। क्योंकि, उन्हें उम्मीद है कि मुख्यमंत्री नवीन पटनायक के नबीन ओडिशा के सपनों को वही सफलतापूर्वक पूरा करके दिखाएंगे। जब उन्हें 5टी ट्रांसफॉर्मेटिव इनिशिएटिव और नबीन ओडिशा के चेयरमैन की जिम्मेदारी मिली थी, तो नवीन निवास में उन्हें बधाई देने वाले बीजेडी नेताओं का तांता लग गया था। अब वह पार्टी में शामिल हो गए हैं तो आने वाले दिनों में एक नई यात्रा की शुरुआत होगी। उम्मीद है कि राज्य की शासन व्यवस्था की तरह ही, पांडियन निश्चित रूप से पार्टी में भी प्रगतिशील बदलाव लाएंगे और इसे और मजबूत करेंगे।

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