ओडिशा: नीति आयोग ने BPUT में फैकल्टी की कमी को दूर करने की मुख्यमंत्री से की हस्तक्षेप करने की मांग
ओडिशा की बीजू पटनायक प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (बीपीयूटी) जबरदस्त फेकल्टी मेबर्स की कमी झेल रही है। बीपीयूटी में सिर्फ सात फेकल्टी मेबर्स की उपस्थिति ने नीति आयोग का ध्यान खींचा है। नीति आयोग ने विवि में फेकेल्टी मेबर्स की कमी को दूर करने के लिए मुख्यमंत्री नवीन पटनायक को पत्र लिखा है। नीति आयोग ने टेक्नीकल विश्वविद्यालय में इन कमियों को दूर कर चीजों को सही करने के लिए राज्य सरकार के हस्तक्षेप का अनुरोध किया है।

सूत्रों ने अनुसार बीजू पटनायक प्रौद्योगिकी विवि में 200 छात्र ऐसे हैं जो विश्वविद्यालय से यूजी और एकीकृत दोहरी डिग्री पाठ्यक्रम दोनों कर रहे हैं।
बता दें विवि की चुनौतियों को समझने और संस्थानों में अनुसंधान और विकास में सुधार के उपायों का पता लगाने के लिए इस साल अक्टूबर में नीति आयोग द्वारा पूर्वी भारत के तकनीकी संस्थानों के कुलपतियों के साथ आयोजित एक परामर्श बैठक के दौरान यह मामला सामने आया था।
विवि में फेकल्टी मेंबर्स क कमी पर चिंता व्यक्त करते हुए नीति आयोग के सदस्य वीके सारस्वत ने इसके संबंध में मुख्यमंत्री नवीन पटनायक का एक लेटर लिखा था
बीपीयूटी एक समर्पित हाई परफॅार्मेंस, कंप्यूटिंग लैब और Artificial Intelligence (एआई) और एयरोस्पेस जैसे उत्कृष्टता के कई केंद्रों का दावा करता है लेकिन विश्वविद्यालय को सीमित संख्या में फेकल्टी मेबर्स के साथ काफी चुनौती का सामना करना पड़ता है। वर्तमान में इसमें केवल सात संकाय सदस्य हैं। यह कमी एक गंभीर मुद्दा है जो यूजी, पीजी पाठ्यक्रमों की प्रभावी डिलीवरी करने और विवि में शोध को प्रभावित करते हैं।
बता दें विश्वविद्यालय पांच विभागों जिनमें इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग, सिविल इंजीनियरिंग, मैकेनिकल इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग और कंप्यूटर विज्ञान में यूजी डिग्री प्रदान करता है। इसके अलावा 10 विभागों में पोस्ट ग्रेजुएशन के पाठ्यक्रम शामिल है।
विवि के इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग में तीन नियमित फेकल्टी मेबर्स हैं, सिविल इंजीनियरिंग में दो और मैकेनिकल और कंप्यूटर विज्ञान विषयों में एक-एक है। इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग संकाय सदस्य इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग पढ़ाते हैं।












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