Odisha News:ओडिशा के 5T स्कूलों में स्मार्ट क्लासरूम, लेकिन शिक्षक नहीं! बड़ा दावा
ओडिशा सरकार 5T पहल के तहत राज्य भर में कई स्कूलों को बदलने का दावा कर रही है, लेकिन स्कूलों की व्यवस्था पर कितना फोकस है, ये स्कूलों को हालत ही बताते हैं। हालांकि बीजेडी सरकार ने कई स्कूलों के बुनियादी ढांचे का विकास किया है। जबकि रिपोर्ट्स के मुताबिक जिन स्कूलों में बदलाव किया गया वहां शिक्षकों की भारी कमी है।
ओडिशा में कई शिक्षण संस्थानों शिक्षकों की कमी है। दावा किया जा रहा है कि सीएम नवीन पटनायक के कार्यकाल में कई स्कूलों बुनियादी ढांचे का विकास किया गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कुछ स्कूलों में 9वीं और 10वीं कक्षा के छात्रों के लिए केवल दो से तीन शिक्षक हैं, वहीं कुछ अन्य 5टी स्कूलों में प्राथमिक विद्यालय के शिक्षक हाई स्कूल के छात्रों को पढ़ा रहे हैं। पिछले दो महीने में होने वाली मैट्रिक परीक्षा के कारण कुछ स्कूलों में छात्रों को तीन से चार विषय नहीं पढ़ाए गए हैं।

एक रिपोर्ट के मुताबिक दसवीं कक्षा के एक अन्य छात्र ने कहा कि स्कूलों में बुनियादी ढांचे से ज्यादा शिक्षकों की जरूरत है। सरकार सारी सुविधाएं में कमी कर दे, लेकिन उन्हें हमारे स्कूल में शिक्षकों की नियुक्ति करनी चाहिए। वहीं बालासोर जिले के काशीपाड़ा पंचायत हाई स्कूल का जिक्र करें तो जिसमें 228 छात्रों की संख्या है। स्कूल को 5T पहल के तहत बदल दिया गया है। शैक्षणिक संस्थान में चमकदार इमारत, स्मार्ट क्लासरूम और डिजिटल ब्लैकबोर्ड सहित अच्छा बुनियादी ढांचा है।
सिर्फ बालासोर ही नहीं, राज्य के कई 5टी स्कूलों में भी कमोबेश यही स्थिति है। कई स्कूलों में राज्य के उड़िया, अंग्रेजी, इतिहास के लिए कोई शिक्षक नहीं। वहीं रायगड़ा जिले के रामनागुडा ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले ओमाडिंगी सरकारी हाई स्कूल में दसवीं कक्षा के छात्रों को पढ़ाने के लिए केवल तीन शिक्षक हैं। स्कूल में एमआईएल, अंग्रेजी और इतिहास जैसे विषयों को पढ़ाने के लिए कोई शिक्षक नहीं हैं। वहीं नबरंगपुर जिले के झारीगांव के तेलानाडी हाई स्कूल में भी स्थिति अलग नहीं है। स्कूल में कक्षा नौवीं और दसवीं में क्रमशः 75 और 55 छात्र हैं। लेकिन, विद्यालय में मात्र तीन शिक्षक हैं।












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