Odisha News: सहायता प्राप्त हाई स्कूलों में 75% टीचरों के पद खाली, एसोसिएशन ने दी आंदोलन की धमकी
ओडिशा में गैर-सरकारी पूर्ण सहायता प्राप्त हाई स्कूलों में लगभग 75 फीसदी टीचरों के पद खाली हैं। राज्य में 678 ऐसे स्कूल हैं, जो 1982-83 से पहले स्थापित किये गये थे। स्कूलों में टीचरों का संकट इस कदर है कि छात्रों को पढ़ाने के लिए सरकारी स्कूलों से प्रतिनियुक्ति पर टीचर लाए जा रहे हैं।
स्थिति पर चिंता जताते हुए, गैर-सरकारी पूर्ण सहायता प्राप्त हाई स्कूल शिक्षक संघ के सदस्यों ने मीडिया कॉन्फ्रेंस में कहा कि पिछले कुछ सालों में टीचरों के रिटायर होने के बाद 75 फीसदी टीचरों के पद खाली हुए हैं। लेकिन, इन पदों को भरने के लिए कोई कदम नहीं उठाया जा रहा है।

दो साल पहले, राज्य सरकार ने इन स्कूलों के लिए 2,064 टीचरों की भर्ती की घोषणा की थी। लेकिन, इस कदम में देरी हुई, जिससे छात्रों की शिक्षा बाधित हुई। अपने स्कूल परिवर्तन कार्यक्रम के तहत इन स्कूलों के नवीनीकरण के सरकार के कदम का स्वागत करते हुए उन्होंने कहा कि इसका ध्यान स्कूलों के ह्यूमन रिसोर्स डिमांड को पूरा करने पर होना चाहिए।
8 जनवरी से 2,064 पदों को भरने की प्रक्रिया शुरू
उधर, राज्य चयन पर्षद के सूत्रों ने बताया कि 2,064 पदों के लिए आवेदन आमंत्रित करने की प्रक्रिया सोमवार को शुरू कर दी गई। उम्मीदवार 8 जनवरी से ओडिशा के गैर-सरकारी पूर्ण सहायता प्राप्त हाई स्कूलों में खाली पडे टीचरों के पद के लिए आवेदन कर सकते हैं। भर्ती प्रक्रिया की रजिस्ट्रेशन विंडो 2 फरवरी को बंद हो जाएगी।
एसोसिएशन ने किया भूख हड़ताल का ऐलान
इस बीच, एसोसिएशन के सदस्यों ने धमकी दी है कि अगर सरकार स्कूलों में टीचरों के रिक्त पदों को जल्द से जल्द पूरा नहीं करती है, तो वे सड़कों पर उतरेंगे और मुख्यमंत्री नवीन पटनायक के आवास के सामने भूख हड़ताल करेंगे। एसोसिएशन रिक्त पदों को भरने के अलावा बेहतर प्रबंधन के लिए 678 स्कूलों को सरकार से अपने अधीन लेने की मांग कर रहा है।












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