ओडिशा की पटनायक सरकार की बड़ी उपलब्धि- कोविड के दौरान ओडिशा में सबसे कम थी बेरोजगारी
कोरोना महामारी में जब भारत ही नहीं विदेशों में भारी संख्या में लोग बेरोजगार हो गए थे, वहीं महाकारी के दौरान आजीविका संकट प्रबंधन में ओडिशा सरकार कामैनेजमेंट सराहनीय रहा क्योंकि इस समय अन्य राज्यों में बेरोजगारी दर में खासी गिरावट आई थी। इस बात का खुलासा भारतीय सार्वजनिक स्वास्थ्य संस्थान (आईआईपीएच), भुवनेश्वर और जॉन्स हॉपकिन्स विश्वविद्यालय के एक हालिया अध्ययन में हुआ है।

यूएसए ने अपने अध्यक्ष के आधार पर दावा किया है कि राज्य सरकार ने जो पहल की, उसके परिणाम स्वरूप अक्टूबर-दिसंबर 2020 के दौरान बेरोजगारी दर घटकर अब तक के सबसे निचले स्तर 1.6 प्रतिशत (पीसी) पर आ गई।
याद रहे 2020 में कोरोना महामारी के दौरान देश भर में लॉकडाउन लगाया गया था। उस समय ओडिशा की बेरोजगारी दर बढ़कर 13.10 प्रतिशत और अप्रैल 2020 में 23.80 प्रतिशत हो गई थी। पटनायक सरकार के प्रयास के बाद मनरेगा के तहत उत्पन्न रोजगार की बदौलत महज एक माह में मई में अचानक रोजगार दर बढ़ गई जिसके बाद मई 2020 में यह दर घटकर 11.54 प्रतिशत रह गई।
आईआईपीएच के अतिरिक्त प्रोफेसर सरित कुमार राउत ने जानकारी दी कि इस दौरान लोगों को मनरेगा के तहत राेजगार दिया गया और प्रदेश सरकार ने अन्य उपाय पेश किए। लोगों को रोजगार से जोड़ने के लिए अनुठी पहल करतते हुए शहरी गरीबों के लिए शहरी मजदूरी रोजगार (यूडब्ल्यूई) और महिलाओं को रोजगार सहायता की शुरूआत की। इसके अलावा पटनायक सरकार ने इस दौरान डब्ल्यूएसएचजी के अलावा मजदूरी दर में 50 रुपये की बढ़ोतरी कर दी थी।












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