70 साल के बुजुर्ग ने 65 साल की तेजस्विनी को बनाया हमसफर, जगन्नाथ मंदिर में लिए सात फेरे
ओडिशा में 70 साल के बुजुर्ग और 65 साल की वृद्धा की शादी सुर्खियों में है। केंद्रापाड़ा में महाकल्पड़ा ब्लॉक के गोगुआ गांव में रहने वाले महिला-पुरुष की शादी प्रेम विवाह बताया जा रहा है। दोनों परिजनों के बर्ताव से दुखी रहे

ओडिशा में दो बुजुर्गों ने बच्चों की अनदेखी से आहत होने के बाद एक-दूसरे से प्रेम विवाह किया। केंद्रापाड़ा जिले में रहने वाले 70 साल के शक्तिपाद मिश्रा 65 साल की तेजस्विनी मंडल की शादी चर्चा में इसलिए भी है, क्योंकि दोनों के परिजनों ने बुढ़ापे में अपने बुजुर्गों की देखभाल करनी छोड़ दी और बर्ताव से आहत वृद्धों ने एक-दूजे में जीवनसाथी को तलाश लिया।
दरअसल, जेनरेशन गैप के कारण मां-बाप की उपेक्षा करने पर उतारू पीढ़ी के बच्चों ने बुजुर्गों को उपेक्षित रखा। ऐसे ही एक बुजुर्ग जोड़े को प्यार मिला और दोनों ने शादी का फैसला कर लिया। शक्तिपाद मिश्रा और तेजस्विनी मंडल शादी के मामले में मिसाल बन गए हैं। दोनों ने उम्र को महज आंकड़ा साबित कर दिखाया है।
केंद्रापाड़ा जिले में महाकालपाड़ा ब्लॉक के गोगुआ गांव की इस प्रेम कहानी पर न्यू इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक चार साल पहले अपने पति के निधन के बाद तेजस्विनी का जीवन संघर्षों से भर गया। उनके अपने बच्चों ने उन्हें छोड़ दिया, लेकिन 70 वर्षीय शक्तिपाद के रूप में तेजस्विनी को नया हमसफर मिला।
दोनों बुजुर्गों की लव लाइफ के बारे में रिपोर्ट में कहा गया कि वृद्धा तेजस्विनी के तीनों बेटों ने उनकी उपेक्षा की। उन्हें गाँव में अकेला छोड़कर बच्चे बड़े शहरों में चले गए। शक्तिपाद मिश्रा से मिलने के बाद तेजस्विनी गांव के हाट में मिट्टी के बर्तन बेचकर अपना गुजारा करती थीं।
बुढ़ापे में एक साथी मिला तो दोनों को एक दूसरे का साथ काफी पसंद आया। शक्तिपाद ने पिछले सप्ताह तेजस्विनी से शादी करने का प्रस्ताव रखा। दोनों आपसी सहमति से विगत 5 दिसंबर को पुजारियों की मौजूदगी में गांव के जगन्नाथ मंदिर में एक सादे समारोह में शादी के बंधन में बंध गए।
शक्तिपाद बताते हैं कि तेजस्विनी ने सहर्ष उनका प्रस्ताव स्वीकार कर लिया और दोनों ने शादी कर ली। शादी की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। लोग इस जोड़े को प्यार और बधाई संदेश भेज रहे हैं।
केंद्रापाड़ा के एक वकील सुभाष दास ने न्यू इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट में दोनों बुजुर्गों की शादी के संबंध में कहा, "समान विचारधारा वाले व्यक्ति से पुनर्विवाह करके शक्तिपाद ने सही काम किया। अब शक्तिपाद के निधन के बाद, उनकी पत्नी को उनकी संपत्ति विरासत में मिलेगी।
गौरतलब है कि माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों का भरण-पोषण और कल्याण अधिनियम, 2007 की धारा 7 और 15 के अनुसार, बच्चों का कर्तव्य है कि वे अपने माता-पिता की देखभाल करें। बेटों को अपने माता-पिता के साथ दुर्व्यवहार या घर से बेदखल करने का कोई अधिकार नहीं है। यहां तक कि वरिष्ठ नागरिकों को कानून के तहत जरूरत पड़ने पर वयस्क बच्चों को घर से बेदखल करने का कानूनी अधिकार दिया गया है।












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