ओडिशा: SFC ने पृथ्वी-2 बैलिस्टिक मिसाइल का यूजर ट्रायल किया
पृथ्वी 2 मिसाइल की ट्रजेक्ट्री को डीआरडीओ के रडार आधारित इलेक्ट्रो-आप्टिकल ट्रैकिंग सिस्टम और टेलीमेट्री स्टेशन उड़ीसा कोस्ट से ट्रैक किया गया था
नई दिल्ली। भारतीय सेना के स्ट्रैटेजिक फोर्स कमांड (एसएफसी) ने बुधवार को परमाणु क्षमता सम्पन्न और सतह से सतह पर मार करने वाली पृथ्वी-2 बैलिस्टिक मिसाइल का यूजर ट्रायल किया। स्वदेश निर्मित इस बैलिस्टिक मिसाइल का यूजर ट्रायल बालासोर जिले के चांदीपुर में समुद्र में स्थित इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज से 11.37 बजे किया गया। इसका परीक्षण भारतीय वायु सेना (आईएएफ) के स्ट्रेटजिक फोर्सेज कमांड (एसएफसी) ने किया, जो आईएएफ के नियमित प्रशिक्षण अभ्यास का हिस्सा है।

पृथ्वी-2 मिसाइल सतह से सहत तक मार करने में सक्षम है
पृथ्वी-2 मिसाइल सतह से सहत तक मार करने में सक्षम है। इस मिसाइल से 350 किमी दूर निशाना लगाया जा सकता है। पृथ्वी-2 मिसाइल 500 से 1000 किग्रा. भारी न्यूक्लियर वार हेड ले जाने में सक्षम है। इस मिसाइल को डिफेंस रिसर्च एडं डेवल्पमेंट ऑर्गेनाइजेशन (डीआरडीओ) द्वारा इंटीग्रेटेड मिसाइल डेवल्पमेंट प्रोग्राम के तहत विकसित किया गया था।

सैन्य जरूरतों के हिसाब से काफी अहम
पृथ्वी 2 मिसाइल की ट्रजेक्ट्री को डीआरडीओ के रडार आधारित इलेक्ट्रो-आप्टिकल ट्रैकिंग सिस्टम और टेलीमेट्री स्टेशन उड़ीसा कोस्ट से ट्रैक किया गया था। सैन्य जरूरतों के हिसाब से इस मिसाइल को काफी अहम माना जाता है।

यह परंपरागत और परमाणु, दोनों तरह के हथियार ढोने में सक्षम है
पृथ्वी 2 मिसाइल का इससे पहले इसी टेस्टिंग रेंज से 21 नवंबर 2016 की सुबह सफलतापूर्वक लांच किया गया था। इसे भारतीय सेना में वर्ष 2003 में शामिल किया गया। पृथ्वी-2 मिसाइल नौ मीटर लंबी है। पृथ्वी-II लिक्विड और सॉलिड, दोनों तरह के ईंधन से ऑपरेट होती है। यह परंपरागत और परमाणु, दोनों तरह के हथियार ढोने में सक्षम है।












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