12 साल से ज्यादा उम्र के बच्चों के लिए वैक्सीनेशन की तैयारी, सरकार ने बताया अपना प्लान
नई दिल्ली, 23 अगस्त: देश में अब 18 साल के कम उम्र के बच्चों के लिए भी वैक्सीन आ गई है, जिसके बाद बच्चों की वैक्सीन का इंतजार रहे लोगों के लिए खुशखबरी है। एक तरफ जहां कोरोना को खत्म करने के लिए देश में युद्धस्तर पर वैक्सीनेशन अभियान चलाया जा रहा है। वहीं लोगों को बच्चों की वैक्सीन का भी लंबे समय से इंतजार था। अब 12 साल से ज्यादा उम्र के बच्चों के लिए जायडस कैडिला की तीन डोज वाली वैक्सीन ZyCoV-D को अपाताकालीन इस्तेमाल की मंजूरी मिल गई है। यह वैक्सीन 12 साल ज्यादा और 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए बनाई गई है।

वहीं अब बच्चों की वैक्सीनेशन को लेकर सरकारी राष्ट्रीय सलाहकार समूह ने बड़ी जानकारी साझा की है। एनटीएजीआई प्रमुख एनके अरोड़ा के बताया कि वैक्सीन को सबसे पहले उन बच्चों को लगाई जाएगी, जो पहले से किसी गंभीर बीमारी से ग्रसित हैं। CNBC-TV18 की रिपोर्ट के मुताबिक एनके अरोड़ा ने कहा कि हमारा वयस्कों की टीकाकरण प्राथमिकता के साथ-साथ बच्चों के वैक्सीनेशन पर भी फोकस बना हुआ है, जिसके तहत पहले कोमॉरबिडिटी (गंभीर बीमार) वाले बच्चों को वैक्सीन की डोज लगाई जाएगी।
रिपोर्ट के अनुसार एनटीएजीआई ने आगे कहा कि बच्चों के लिए भारत बायोटेक के Covaxin को मंजूरी देने की प्रक्रिया सितंबर के अंत या अक्टूबर तक शुरू हो जाएगी। अरोड़ा ने बताया कि हम सितंबर से हर महीने 10 करोड़ कोवैक्सीन खुराक का अनुमान लगा रहे हैं। बता दें कि ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) ने शुक्रवार को Zydus Cadila की तीन-खुराक वाली कोविड-19 डीएनए वैक्सीन को 12 साल और उससे अधिक उम्र के बच्चों के लिए आपातकालीन उपयोग के लिए मंजूरी दे दी थी, जिससे बाद देश में देश में मंजूरी पाने वाली यह छठी वैक्सीन है।
वहीं कंपनी ने कहा कि उसकी सालाना ZyCoV-D की 100 मिलियन से 120 मिलियन खुराक बनाने की योजना है और उसने वैक्सीन का स्टॉक करना शुरू कर दिया है। अहमदाबाद स्थित जेनेरिक दवा निर्माता कैडिला हेल्थकेयर लिमिटेड ने 1 जुलाई को ZyCoV-D की परमिशन के लिए आवेदन किया था, जो 28,000 से अधिक वालंटियर के परीक्षण में 66.6 फीसदी प्रभावकारिता पर आधारित था।












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