NEET Paper Leak: 'पेपर लीक नहीं हुआ, बस सवाल बाहर आ गए', संसदीय समिति के सवाल पर NTA चीफ का अजीबोगरीब बयान
NEET-UG 2026 Paper Leak: National Testing Agency के प्रमुख अभिषेक सिंह ने संसद की स्थायी समिति के सामने कहा कि NEET-UG 2026 का पेपर NTA के सिस्टम से लीक नहीं हुआ था, बल्कि "कुछ सवाल बाहर आ गए थे।" इसी बयान को लेकर अब नया विवाद खड़ा हो गया है। समिति ने NTA से पूछा कि आखिर इतनी बड़ी परीक्षा में सुरक्षा चूक कैसे हुई और भविष्य में इसे कैसे रोका जाएगा।
इस बीच CBI पूरे मामले की जांच कर रही है और अब दोबारा परीक्षा 21 जून को कराई जाएगी। NEET विवाद को लेकर छात्रों और अभिभावकों की चिंता अभी भी बनी हुई है।

CBI Investigation NEET 2026: NTA चीफ ने क्या कहा?
Abhishek Singh ने संसदीय समिति को बताया कि पेपर सीधे NTA सिस्टम से लीक नहीं हुआ। उनके मुताबिक, कुछ सवाल परीक्षा से पहले बाहर पहुंच गए थे और इसी वजह से परीक्षा रद्द करनी पड़ी। हालांकि विपक्ष और कई छात्र संगठन इसे "पेपर लीक" ही बता रहे हैं। NTA का कहना है कि एजेंसी की डिजिटल सुरक्षा में कोई सेंध नहीं लगी। अब इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर भी बहस तेज हो गई है कि आखिर "सवाल बाहर आना" और "पेपर लीक" में फर्क क्या है।
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संसद समिति ने पूछे सख्त सवाल
समिति के सदस्यों ने NTA अधिकारियों से परीक्षा प्रक्रिया की मजबूती को लेकर कई सवाल किए। खासकर अगले साल से NEET को कंप्यूटर बेस्ड करने की तैयारी पर चर्चा हुई। सदस्यों ने पूछा कि इतने बड़े स्तर पर ऑनलाइन परीक्षा कराने के लिए क्या इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार है। परीक्षा की सुरक्षा, सेंटर मैनेजमेंट और तकनीकी व्यवस्था पर भी सवाल उठे। समिति ने यह भी जानना चाहा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या नए कदम उठाए जा रहे हैं।
CBI जांच और दोबारा परीक्षा पर फोकस
Central Bureau of Investigation इस पूरे मामले की जांच कर रही है। NEET-UG परीक्षा 3 मई को हुई थी, लेकिन आरोप सामने आने के बाद 12 मई को इसे रद्द कर दिया गया। अब दोबारा परीक्षा 21 जून को होगी। सरकार ने कहा है कि इस बार सुरक्षा के ज्यादा कड़े इंतजाम किए जाएंगे। 22 लाख से ज्यादा छात्र इस परीक्षा में शामिल हुए थे, इसलिए किसी भी तरह की गड़बड़ी को लेकर भारी दबाव बना हुआ है।
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NTA में करीब 25 प्रतिशत पद खाली
बैठक में यह भी सामने आया कि NTA में करीब 25 प्रतिशत पद खाली हैं। अधिकारियों ने समिति को बताया कि नई नियुक्तियों और ढांचे में सुधार की प्रक्रिया चल रही है। साथ ही के. राधाकृष्णन समिति की सिफारिशों में से करीब 75 प्रतिशत लागू किए जाने का दावा भी किया गया। सरकार चाहती है कि भविष्य में NTA की परीक्षा प्रक्रिया ज्यादा पारदर्शी और सुरक्षित बने। हालांकि NEET विवाद के बाद एजेंसी की विश्वसनीयता पर लगातार सवाल उठ रहे हैं।












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