अब NEET में उम्र, अटेम्प्ट पर लगेगी लिमिट? NTA का बड़ा प्लान, लेकिन ‘Paper Leak’ मानने से क्यों बच रही एजेंसी
NEET-UG 2026 Paper Leak: देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG को लेकर केंद्र सरकार और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी NTA बड़े बदलाव की तैयारी में है। अब सिर्फ परीक्षा पैटर्न ही नहीं, बल्कि छात्रों की उम्र और परीक्षा देने की कोशिशों यानी अटेम्प्ट की संख्या पर भी सीमा लगाई जा सकती है।
संसदीय समिति के सामने NTA ने संकेत दिए हैं कि आने वाले समय में NEET-UG के लिए अधिकतम उम्र सीमा तय की जा सकती है। साथ ही छात्रों को कितनी बार परीक्षा देने की अनुमति होगी, इस पर भी नियम बनाए जाएंगे। यह बदलाव पूर्व इसरो प्रमुख के एम राधाकृष्णन की अध्यक्षता वाली विशेषज्ञ समिति की सिफारिशों के आधार पर किए जाने की तैयारी है।

🔷अभी NEET में क्या नियम हैं?
फिलहाल NEET-UG परीक्षा में सिर्फ न्यूनतम आयु सीमा लागू है। छात्र की उम्र कम से कम 17 साल होनी चाहिए। लेकिन:
- अधिकतम उम्र सीमा नहीं है
- अटेम्प्ट की कोई सीमा नहीं है
- परीक्षा एक ही शिफ्ट में ऑफलाइन मोड में होती है
यानी छात्र कई साल तक बार-बार परीक्षा दे सकते हैं। अब सरकार इसी सिस्टम में बदलाव चाहती है।
🔷पेपर लीक नहीं, 'गड़बड़ी' थी?
इस पूरे विवाद का सबसे बड़ा हिस्सा वह बयान रहा, जिसमें NTA ने हालिया मामले को सीधे तौर पर "पेपर लीक" मानने से इनकार किया। संसदीय समिति की बैठक में एजेंसी ने कहा कि परीक्षा में "अनियमितताएं और गलत तरीके" सामने आए थे, लेकिन इसे सीधा पेपर लीक कहना सही नहीं होगा।
दिलचस्प बात यह रही कि बैठक में मौजूद भाजपा सांसदों ने भी "पेपर लीक" शब्द के इस्तेमाल पर आपत्ति जताई। उनका कहना था कि बैठक के एजेंडा दस्तावेज में भी यह शब्द नहीं होना चाहिए था। हालांकि दूसरी तरफ सीबीआई की जांच और गिरफ्तारी इस पूरे मामले को और गंभीर बना रही हैं।
🔷NEET-UG 2026 क्यों रद्द हुई?
NTA के मुताबिक 3 मई को आयोजित NEET-UG 2026 परीक्षा में 22 लाख से ज्यादा छात्रों ने हिस्सा लिया था। लेकिन परीक्षा के कुछ दिनों बाद एजेंसी को ऐसी जानकारी मिली, जिसमें कथित गड़बड़ियों और "गेस पेपर" से सवाल मैच होने की बात सामने आई।
बताया गया कि कम से कम 120 सवाल ऐसे थे, जो वायरल PDF और असली पेपर में समान पाए गए। इसके बाद:
- 7 मई को शिकायतें मिलीं
- 8 मई को मामला केंद्रीय एजेंसियों को भेजा गया
- 12 मई को परीक्षा रद्द कर दी गई
- सीबीआई जांच शुरू हुई
- अब री-एग्जाम 21 जून को होगा
🔷कौन-कौन गिरफ्तार हुआ?
इस मामले में अब तक 10 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इनमें:
- लातूर के कोचिंग सेंटर संचालक शिवराज मोटेगांवकर
- पुणे के रिटायर्ड केमिस्ट्री शिक्षक पीवी कुलकर्णी
- बॉटनी टीचर मनीषा मंधारे
जैसे नाम शामिल हैं।
चौंकाने वाली बात यह है कि कुलकर्णी और मंधारे दोनों NTA के NEET-UG 2026 एक्सपर्ट पैनल का हिस्सा भी रह चुके थे।
🔷अब कंप्यूटर बेस्ड होगा NEET?
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पहले ही घोषणा कर चुके हैं कि अगले साल से NEET-UG को कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट यानी CBT मोड में कराने की तैयारी है। अभी NTA एक शिफ्ट में करीब 1.5 लाख छात्रों के लिए CBT परीक्षा करा सकती है। एजेंसी अगले एक साल में इसे बढ़ाकर 10 लाख क्षमता तक ले जाना चाहती है।
इसके अलावा NTA भविष्य में:
- मल्टी-सेशन परीक्षा
- मल्टी-स्टेज टेस्टिंग
- क्लाउड बेस्ड एग्जाम सिस्टम
- ब्लॉकचेन सिक्योरिटी
- AI निगरानी
जैसी तकनीकों पर भी काम कर रही है।
🔷परीक्षा सुरक्षा के लिए क्या बदला गया?
NTA ने Phase-1 सुधार लागू कर दिए हैं। इनमें शामिल हैं:
- आधार लिंक्ड बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन
- फेस ऑथेंटिकेशन
- मल्टी लेयर फ्रिस्किंग
- मोबाइल जैमर
- AI आधारित CCTV निगरानी
देशभर में 34 कंट्रोल रूम बनाए गए हैं और जिला स्तर पर कलेक्टरों की कमेटियां परीक्षा केंद्रों की निगरानी कर रही हैं।
🔷छात्रों और शिक्षकों की क्या राय है?
उत्तर प्रदेश यूनिवर्सिटी ऑफ मेडिकल साइंसेज के कुलपति अजय सिंह ने उम्र और अटेम्प्ट लिमिट के प्रस्ताव का समर्थन किया है। उनका कहना है कि एक समय के बाद मेडिकल ट्रेनिंग की क्षमता प्रभावित होने लगती है।
लेकिन लखनऊ के NEET शिक्षक प्रितेश मौर्य का मानना है कि ऐसे नियम अचानक लागू नहीं किए जाने चाहिए। खासकर ग्रामीण और कमजोर आर्थिक पृष्ठभूमि वाले छात्रों को तैयारी के लिए समय मिलना जरूरी है।














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