NRC पर मचे घमासान पर अब बोले चेतन भगत, कहा- इस वक्त अल्पसंख्यकों में भय का माहौल
कोलकाता। इस वक्त पूरे देश में नागरिकता संशोधन ऐक्ट के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं, पश्चिम बंगाल में तो इसका विरोध चरम स्तर पर है, नागरिकता संशोधन ऐक्ट और एनआरसी के खिलाफ हो रहे प्रोटेस्ट पर अब मशहूर लेखक चेतन भगत ने खास बात कही है। NDTV न्यूज चैनल के साथ बातचीत में उन्होंने कहा कि इसमें कोई शक नहीं कि राष्ट्रीय नागरिक पंजी (NRC) को लेकर इस वक्त देश के अल्पसंख्यकों में भय का माहौल है।

लोगों को लगता है BJP ध्रुवीकरण की राजनीति करती है- चेतन भगत
अपने उपन्यासों से लोगों को प्रभावित करने वाले चेतन भगत ने कहा कि लोगों के दिमाग में बीजेपी के बारे में एक ही इमेज है और वो ये कि वो ध्रुवीकरण की राजनीति करती है, खासकर अल्पसंख्यक समुदाय भाजपा को लेकर यही सोचता है, चेतन भगत ने कहा कि यह सभी भारतीयों के लिए एक धर्मनिरपेक्ष उत्पीड़न भी है।

मैं एनआरसी के खिलाफ नहीं हूं: चेतन भगत
हमारे पास मतदाता पहचान पत्र, आधार कार्ड, पासपोर्ट सब हैं लेकिन सवाल ये है कि कितनी बार लोगों को अपनी पहचान साबित करनी होगी?, यह सब कब खत्म होगा, ये एक बड़ा सवाल है। हालांकि चेतन भगत ने कहा कि मैं एनआरसी के खिलाफ नहीं हूं लेकिन मैं ये कह रहा हूं कि इसे तब लाया जाए, जब देश का माहौल सही हो, अभी देश की जो स्थिति है, उसमें इसे लागू नहीं करना चाहिए।

क्या है राष्ट्रीय नागरिक पंजी (NRC)?
एनआरसी या नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजन बिल का मकसद अवैध रूप से भारत में अवैध रूप से बसे घुसपैठियों को बाहर निकालना है, हालांकि केंद्र सरकार यह स्पष्ट कर चुकी है कि एनआरसी का भारत के किसी धर्म के नागरिकों से कोई लेना देना नहीं है इसका मकसद केवल भारत से अवैध घुसपैठियों को बाहर निकालना है।
अवैध बांग्लादेशियों को निकालने के लिए NRC
एनआरसी के तहत भारत का नागरिक साबित करने के लिए किसी व्यक्ति को यह साबित करना होगा कि उसके पूर्वज 24 मार्च 1971 से पहले भारत आ गए थे। बता दें कि अवैध बांग्लादेशियों को निकालने के लिए इसे पहले असम में लागू किया गया है।












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