सरकारी विज्ञापनों में PM मोदी की फोटो का चयन PMO करेगा
नई दिल्ली। नई सरकार देशहित में योजनाएं पेश करने व उनके क्रियान्वयन को लेकर तो सक्रिय है ही साथ ही अपनी छवि को लेकर भी बेहद सूझ-बूझ से काम ले रही है। केंद्र सरकार के कैबिनेट मंत्रियों को यह अधिकार नहीं दिया गया है कि वे अपने मंत्रालयों की ओर से जारी होने वाले विज्ञापनों में अपने मन से PM पिक लगा लें।

- प्रमुख सचिव नृपेंद्र मिश्र ने भारत सरकार के सभी सचिवों को 9 अगस्त को एक सर्कुलर भेजा था, जिसमें बताया गया था कि पीएम की तस्वीर के इस्तेमाल के बारे में किस तरह फैसला करना है, इसमें साफ तौर पर जिक्र किया गया है।
- पीएम की तस्वीर वाले किसी भी सरकारी विज्ञापन को मंजूरी के लिए पीएमओ के पास भेजा जाता था व इसके बाद पीएमओ उस विज्ञापन को डायरेक्टरेट ऑफ एडवर्टाइजिंग ऐंड विजुअल पब्लिसिटी (डीएवीपी) के पास भेजता था।
- मिश्र ने सभी मंत्रालयों से कहा है कि विज्ञापन की फाइनल कॉपी भेजने के बजाय वे उसके तीन ले-आउट मंजूरी के लिए भेजें ताकि उपलब्ध विकल्पों में से बेस्ट सिलेक्शन हो सके।
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मिश्रा ने सभी मंत्रालयों से कहा है कि वे इन मानकों के आधार पर मीडिया यानी अखबारों और अन्य पब्लिकेशंस का चयन करें। जल्द ही यह आदेश नौकरशाही में लागू हो जाएगा व पीएम की प्रोफाइल पिक्चर का चयन भी अब प्री-प्लांड तरीके से किया जाएगा।












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