बर्दवान ब्लास्ट: ममता बनर्जी पर उठ रही हैं उंगलियां
कोलकाता। तृणमूल कांग्रेस के नेता नुरुल हसन चौधर के बर्दवान जिले के खड़गढ़ इलाके में स्थित घर में हुए ब्लास्ट और इंडियन मुजाहिद्दीन (आईएम ) के संदिग्ध आतंकियों की मौत के बाद अब पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममताबनर्जी पर उंगलियां उठने लगी हैं।

बताया जा रहा है कि दो अक्टूबर को बर्दवान में जो ब्लास्ट हुआ था उसमें आईएम के संदिग्ध आतंकियों की उस समय मौत हो गई थी जब वह एक आईडी बनाने की कोशिश कर रहे थे।
आतंकियों को पनाह दे रही हैं ममता
बीजेपी और सीपीआई एम की ओर से ममता बनर्जी पर आरोप लगाया गया है कि वह राज्य में आतंकियों को पनाह दे रही हैं। नुरुल हसन चौधरी के घर में हुए ब्लास्ट में आईएम के जिन संदिग्ध आतंकियों की मौत हुई है उनका नाम शकील अहमद और सोवन मंडल बताया जा रहा है।
पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि क्या इन आतंकियो का हूजी और लश्कर-ए-तैयबा से कोई संबंध है। ब्लास्ट के साथ ही ममता और उनकी पार्टी शक के घेरे में आ गई है।
फिलहाल एनआईए को इस ब्लास्ट की जांच की जिम्मेदारी सौंप दी गई है। केंद्रीय एजेंसियों की शुरुआती जांच इस तरफ इशारा कर रही है कि टीएमसी के नेता नुरुल हसन चौधरी के ताल्लुक चरमपंथी समूह से हैं।
ब्लास्ट की साइट से जांच एजेंसी को घड़ियों के डायल, सिम कार्ड्स और वह सभी जरूरी चीजें बरामद हुई हैं जो आईडी बनाने के लिए प्रयोग की जाती है।रविवार को पुलिस ने इस सिलसिले में दो महिलाओं को गिरफ्तार किया है और उनसे पूछताछ की जा रही है।
जांच एजेंसियों के साथ पूरे सहयोग की बात
वहीं दूसरी ओर राज्य के गृह सचिव बासुदेव बनर्जी ने इस बात से इंकार कर दिया है कि जिस जगह पर ब्लास्ट हुआ वहां से उन्हें आरडीएक्स मिला है।
साथ ही उन्होंने इस बात से भी इंकार कर दिया कि स्थानीय पुलिस केंद्रीय एजेंसियों के साथ सहयोग नहीं कर रही है। बासुदेव बनर्जी के मुताबिक इस घटना की जांच के लिए एक टास्क फोर्स तैयार की गई है।
इस बात की संभावना हो सकती है कि आतंकी और उनका संगठन बांग्लादेश से अपने काम को अंजाम दे रहे हों। लेकिन यह बात पूरी तरह से गलत है कि केंद्रीय जांच एजेंसियों को किसी भी तरह का कोई सहयोग नहीं दिया जा रहा है।












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