नोट बदलने में भी जियो के बार कोड की तरह धोखा, जानिए कैसे
बेंगलुरु की एक छात्रा ने कहा है कि बिना उनकी जानकारी के ही पैसे बदलने के लिए उनके आधार कार्ड नंबर का इस्तेमाल किया गया है।
बेंगलुरु। 500 और 1000 रुपए के नोट बैन होने के बाद अब लोग उसे बदलवाने के लिए बैंक के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन परेशानी सिर्फ इतनी ही नहीं है, लोगों के साथ धोखेबाजी का मामला भी सामने आया है। बेंगलुरु में पढ़ाई कर रही एक छात्रा के साथ कुछ ऐसी ही घटना घटी है।

बेंगलुरु की एक छात्रा ने कहा है कि बिना उनकी जानकारी के ही पैसे बदलने के लिए उनके आधार कार्ड नंबर का इस्तेमाल किया गया है। यह छात्रा बेंगलुरु से एमबीए की पढ़ाई कर रही है। शुक्रवार को उस समय वह सकते में आ गई, जब उसे बताया गया कि उसके आधार नंबर का इस्तेमाल पैसे बदलने के लिए पहले ही हो चुका है।
इस छात्रा का नाम अभिलाषा है, जो शुक्रवार को बेंगलुरु के रेस कोर्स रोड पर स्थित विजया बैंक में पैसे बदलवाने गई थी। वह अपने साथ 4000 रुपए के नोट लेकर गई थी, क्योंकि सरकारी आदेश के अनुसार एक दिन 4000 रुपए से अधिक नहीं बदलवाए जा सकते हैं।
नहीं बदलवा सकी पैसे
उस छात्रा ने पैसे बदलवाने के लिए फॉर्म भरा और उसके साथ अपने आधार कार्ड की एक कॉपी बैंक कर्मचारी को दी। जैसे ही बैंक के कर्मचारी ने उसकी जानकारी अपने सिस्टम में डाली तो ये पाया कि अभिलाषा के आधार कार्ड नंबर का इस्तेमाल नोट बदलने के लिए पहले ही हो चुका है। जैसे ही अभिलाषा को यह पता चला, वह चौंक गई। इसके बाद वह अपने पैसे भी नहीं बदलवा सकी।
वनइंडिया से बात करते हुए अभिलाषा ने कहा कि यह पता चलते ही वह तुरंत बैंक के ब्रांच मैनेजर के पास गई, लेकिन उसे वहां पर भी कोई मदद नहीं मिली। वहां पर उससे सिर्फ यही कहा गया कि वह आधार कार्ड की जगह कोई और आईडी प्रूफ दे दें और नोट बदला लें।
बेंगलुरु पुलिस के फेसबुक पेज पर लिखी पोस्ट
अभिलाषा ने ब्रांच मैनेजर से पूछा कि आखिर बिना उसकी मर्जी के उसका आधार कार्ड नंबर कैसे इस्तेमाल किया गया? इस सवाल पर ब्रांच मैनेजर कोई जवाब न दे सके। अभिलाषा ने अपने साथ घटी इस घटना के बारे में बेंगलुरु पुलिस के फेसबुक पेज पर पोस्ट भी लिखा।
अभिलाषा ने अपनी पोस्ट में लिखा कि बैंक को इस बारे में कुछ नहीं पता कि आखिर उसका आधार कार्ड नंबर कैसे और कहां पर इस्तेमाल किया गया। मैं जानना चाहती हूं कि आखिर किसने और कैसे मेरा आधार कार्ड नंबर इस्तेमाल किया है।
क्या इसका मतलब ये नहीं कि अन्य आईडी कार्ड का भी दुरुपयोग हो सकता है? बैंक मैनेजर ने लड़की से कहा कि वह किसी भी सवाल का जवाब देने में असमर्थ हैं और उसे उच्च अधिकारियों से बात करनी चाहिए।
जियो के सिम में भी हुआ था ऐसा
आपको बता दें कि 5 सितंबर को लॉन्च हुए रिलायंस जियो के सिम को पाने के लिए भी कुछ इसी तरह से बार कोड का दुरुपयोग हुआ था। दरअसल, जियो का सिम लेने से पहले अपने फोन से एक बार कोड जनरेट करना होता था, लेकिन कई लोगों ने यह शिकायत की थी कि उनका बार कोड पहले ही इस्तेमाल करके सिम ली जा चुकी है, जबकि उन्होंने ऐसा कुछ नहीं किया।
अब कुछ ऐसा ही नोट बदलने के मामले में भी सामने आ रहा है, जहां आधार कार्ड का नंबर पहले ही इस्तेमाल किया जा चुका है, जबकि आधार कार्ड जिसका है, उसे इस बात की खबर ही नहीं है।












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