प्रणब मुखर्जी ने कहा, धीमी गति से बढ़ती GDP को लेकर चिंतित नहीं हूं
कोलकाता। पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने कहा है कि आर्थिक मंदी को लेकर वह चिंतित नहीं हैं। उन्होंने कहा कि कुछ चीजें हो रही हैं, जिनका अर्थव्यवस्था पर असर दिख रहा है। कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार में वित्त मंत्री रह चुके मुखर्जी ने कहा कि सरकारी बैंकों में पूंजी डालने की जरूरत है और इसमें कुछ गलत नहीं है।

मुखर्जी ने ये बातें बुधवार को कोलकाता में आयोजित भारतीय सांख्यिकी संस्थान के एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहीं। उन्होंने कहा, 'देश में जीडीपी ग्रोथ में कमी से मैं चिंतित नहीं हूं। कुछ चीजें हो रही हैं, जिनका असर दिख रहा है।' भारतीय बैंकिंग व्यवस्था को लेकर उन्होंने कहा कि 2008 के आर्थिक संकट के समय बैंकों ने मजबूती दिखाई थी।
मुखर्जी ने आगे कहा कि डाटा की प्रमाणिकता भी बेहद जरूरी है। इससे कोई छेड़छाड़ नहीं होनी चाहिए। मुखर्जी ने कहा कि यदि ऐसा नहीं होता है तो इसका विपरीत असर देखने को मिलता है। उन्होंने कहा, 'कई बार मैं अखबार में पढ़ता हूं कि डाटा पर सवाल उठाया गया है, तो मुझे बुरा लगता है। मैं उस आर्थिक सर्वेक्षण की प्रामाणिकता पर गर्व करता था, जो बजट की प्रस्तुति से पहले हर साल होता था।'












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