'इसमें कोई हैरानी की बात नहीं है कि ममता ने महुआ को छोड़ दिया, वो सिर्फ...': विवाद के बीच BJP का तंज
Mahua Moitra Case: तृणमूल कांग्रेस (TMC) के आधिकारिक तौर पर लोकसभा सांसद महुआ मोइत्रा की संसद में अडानी के खिलाफ सवालों के बदले दर्शन हीरानंदानी से नकदी और उपहार लेने की कथित कार्रवाई से खुद को दूर कर लिया है।
टीएमसी की इस हरकत पर भाजपा नेता अमित मालवीय ने कहा कि यह हैरानी की बात नहीं है कि तृणमूल सुप्रीमो ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) ने महुआ मोइत्रा को छोड़ दिया है। ममता बनर्जी ने कई अन्य "घोटाले-दागी" पार्टी नेताओं की तरह, महुआ को भी छोड़ दिया है।

कैश फॉर क्वेरी मामले में विवाद बढ़ने पर भाजपा आईटी सेल के हेड अमित मालवीय ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पोस्ट पर लिखा, "यह आश्चर्य की बात नहीं है कि ममता बनर्जी ने महुआ मोइत्रा को छोड़ दिया है। वह अभिषेक बनर्जी के अलावा किसी और का बचाव नहीं करेंगी, जो कम अपराधी नहीं हैं... कई टीएमसी नेता गंभीर भ्रष्टाचार और आपराधिक आरोपों में जेल में हैं, लेकिन ममता बनर्जी ने रेडियो चुप्पी बनाए रखी है।"
महुआ मोइत्रा को लेकर विवाद तब शुरू हुआ जब भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने लोकसभा अध्यक्ष को पत्र लिखकर कहा कि महुआ मोइत्रा ने गौतम अडानी के खिलाफ सवाल पोस्ट करने के लिए उद्योगपति दर्शन हीरानंदानी को अपना संसद लॉगिन और पासवर्ड दिया था। सांसद निशिकांत दुबे ने इसके लिए महुआ मोइत्रा के खिलाफ जांच की भी मांग की है।
तृणमूल कांग्रेस ने कहा कि पार्टी 'कुछ नहीं कहेगी' इस पर एक शब्द' भी पार्टी नहीं कहने वाली है। टीएमसी के राज्य महासचिव कुणाल घोष ने कहा, "संबंधित व्यक्ति मुद्दों को समझा सकता है या जवाब दे सकता है, लेकिन तृणमूल कांग्रेस इसपर जवाह नहीं देगी।"
बता दें कि यह पहली बार नहीं है कि पार्टी ने महुआ मोइत्रा से दूरी बनाई है। देवी काली पर महुआ मोइत्रा के बयान पर विवाद के दौरान पार्टी ने उन्हें माफ नहीं किया था।












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