भाजपा के दबाव में लड़ना पड़ा उपचुनाव, पहले से जानते थे क्या होना है: नीतीश कुमार
पटना। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बीते दिनों संपन्न हुए उपचुनावों के परिणाम पर टिप्पणी की है। उन्होंने आज एक प्रेस वार्ता में कहा कि - 'भाजपा का जबर्दस्त आग्रह होने लगा उस समय तो पार्टी ने सोचा कि अगर इनकी बात हम नहीं मानेंगे तो कल अगर कोई परिणाम होगा तो उसका सारा दोष इधर ही आ जाएगा, इसलिए जानते हुए भी कि क्या होना है, इन सब चीजों को हम लोगों ने स्वीकार किया।'

नीतीश ने कहा कि ये चुनाव हैं, हो रहे हैं। बिहार में, उप-चुनाव हुआ। जब रिक्ति लोगों के प्रतिनिधि की मृत्यु के कारण होती है तोहम इस तरह के चुनाव में चुनाव लड़ने से बचते हैं और हमने चुनाव नहीं लड़ने का फैसला किया था, लेकिन भाजपा बहुत चाहती थी कि वो यह चुनाव लड़े। गौरलब जेडी (यू) ने उपचुनाव में जहानाबाद विधानसभा क्षेत्र में चुनाव लड़ा था, जहां उनके उम्मीदवार 35,000 मतों के अंतर से हार गए थे।
नीतीश कुमार ने आज कहा कि उन्होंने 13 साल पहले इस मुद्दे को उठाए जाने के बाद से बिहार को विशेष दर्जा देने की मांग को नहीं छोड़ा है। आंध्र प्रदेश के लिए इसी तरह के लाभ के लिए टीडीपी ने एनडीए से बाहर होने के सवाल पर तो वो चुप्पी साध गए लेकिन फिर राजद पर भी हमला किया। नीतीश ने चौथे चारा घोटाले मामले में राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद की ताजा सजा पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया, लेकिन कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री और उनके परिवार के भ्रष्टाचार के मामलों में 'फंसाए' जाने के दावों ने 'केवल कट्टर समर्थकों को आश्वस्त किया' जा सकता है।












Click it and Unblock the Notifications