शांति निकेतन यूनेस्को की विश्व विरासत सूची में शामिल, नोबेल पुरस्कार विजेता रबींद्रनाथ टैगोर का है घर
Rabindranath Tagore Home Santiniketan: नोबेल पुरस्कार विजेता रबींन्द्रनाथ टैगोर के घर शांति निकेतन को यूनेस्को की विश्व विरासत सूची ( UNESCO World Heritage List) में शामिल किया गया है। जो कि देश के लिए एक बड़ी उपलब्धि है।
पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले में स्थित शांतिनिकेतन में नोबेल पुरस्कार विजेता रवींद्रनाथ टैगोर ने अपना अधिकांश जीवन बिताया था। हाल ही में यूनेस्को की विश्व विरासत सूची में इसे शामिल करने की सिफारिश की गई थी।

यूनेस्को ने की घोषणा
यूनेस्को ने रविवार को सोशल मीडिया एक्स (ट्विटर) पर एक पोस्ट में इसकी घोषणा की है। अपने पोस्ट में यूनेस्को ने लिखा-यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शांतिनिकेतन शामिल, भारत को बधाई।
पीएम मोदी ने जताई खुशी
वहीं पीएम मोदी ने ट्वीट करते हुए खुशी जाहिर की है। पीए मोदी ने लिखा-खुशी है कि गुरुदेव रबीन्द्रनाथ टैगोर के दृष्टिकोण और भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के प्रतीक शांतिनिकेतन को यूनेस्को की सूची में अंकित किया गया है। यह सभी भारतीयों के लिए गर्व का क्षण है।
लंबे समय से प्रयासरत था भारत
मई महीने में केंद्रीय संस्कृति और पर्यटन मंत्री जी किशन रेड्डी ने बताया था कि एक अंतरराष्ट्रीय सलाहकार निकाय द्वारा यूनेस्को की विश्व विरासत सूची में शामिल करने की सिफारिश की गई थी। मालूम हो कि भारत लगातार इस सांस्कृतिक स्थल को यूनेस्को की धरोहर सूची में शामिल कराने के लिए प्रयासरत था।
आपको बता दें कि शांति निकेतन कोलकाता से लगभग 180 किमी दूर बीरभूम जिले के बोलपुर में स्थित है। शांतिनिकेतन की स्थापना रवीन्द्रनाथ के पिता देवेन्द्रनाथ ठाकुर ने की थी, हालांकि बाद में जगह रबीन्द्रनाथ की वजह से विश्व विख्यात हो गई।
महान लेखक रबींद्रनाथ टैगोर के पिता महर्षि देबेंद्रनाथ टैगोर ने एक शांत जगह चुनकर इस बनाया, जहां वह शांति से ध्यान कर सकें। उन्होंने उस स्थान को शांति का स्थान मानते हुए उसका नाम शांतिनिकेतन रखा। इसके बाद में लोग इसे एक आध्यात्मिक केंद्र के रूप में पहचानने लगे, जहां बड़ी संख्या में लोग प्रार्थना और ध्यान के लिए इकट्ठा होते थे साल 1901 में रवीन्द्रनाथ टैगोर ने शांतिनिकेतन में ही एक स्कूल शुरू किया।












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