नागालैंड-म्यांमार बॉर्डर पर नहीं हुई है कोई सर्जिकल स्ट्राइक, सेना ने खबरों को बताया गलत
नई दिल्ली। सेना ने उन तमाम खबरों को खारिज कर दिया है जिसमें कहा गया था कि नागालैंड-म्यांमार बॉर्डर पर पैराट्रूपर्स ने सर्जिकल स्ट्राइक में एसएस खापलांग के पांच विद्रोहियों को मार गिराया है। गुरुवार को आई खबरों में कहा गया था कि म्यांमार के अंदर हुई सर्जिकल स्ट्राइक में नेशनल सोशलिस्ट काउंसिल ऑफ नागालैंड (एनएससीएस-के) से अलग होकर बने गुट खापलांग विद्रोहियों का कहर टूटा है। खबरों में रक्षा सूत्रों के हवाले से बताया गया था कि सेना के 12 पैरा-कमांडोज ने इस सर्जिकल स्ट्राइक को अंजाम दिया था।

क्या कहा है सेना ने
सेना की ओर से इस सर्जिकल स्ट्राइक की खबरों पर आधिकारिक बयान देकर लगाम लगा दी गई। सेना प्रवक्ता कर्नल अमन आनंद की ओर से कहा गया है कि नागालैंड-म्यांमार बॉर्डर पर हुई किसी भी तरह की सर्जिकल स्ट्राइक को लेकर जो भी कयास लगाए जा रहे हैं वे सही नहीं हैं। उन्होंने कहा कि इस सर्जिकल स्ट्राइक से जुड़ी तमाम आशंकाएं और सवाल पूरी तरह से निराधार हैं। उन्होंने जानकारी दी कि मोन जिले में एक छोटा सा एनकाउंटर जरूर हुआ था लेकिन दोनों ही तरफ किसी भी तरह की कोई क्षति इस एनकाउंटर में नहीं हुई थी।

सेना के म्यांमार में दाखिल होने की खबरें
गुरुवार को कुछ खबरों में कहा गया था कि सेना के पैरा कमांडोज ने नागालैंड की सीमा से सटे म्यांमार के तीन किलोमीटर अंदर तक दाखिल होकर एनएससीएन-के शेवेलो कैंप्स को निशाना बनाया था। खबरों में कहा गया था कि यह ऑपरेशन करीब दो घंटे तक चला था और ऑपरेशन पूरा करके कमांडोज अपनी सीमा में वापस लौट आए थे। वहीं एनएससीएस-के की ओर से भी खबरों की पुष्टि की गई थी लेकिन कहा था कि सेना ने उनकी ओर से की गई फायरिंग का जवाब दिया।

सोमवार को हुआ था हमला
नागालैंड-म्यांमार बॉर्डर पर सर्जिकल स्ट्राइक की खबरें सोमवार को हुए उस हमले के बाद आई जिसमें असम राइफल्स के दो जवान शहीद हो गए थे। यह हमला नागालैंड के मोन जिले मे हुआ था। गुरुवार को भी एनएससीएन-के के विद्रोहियों ने सात असम राइफल्स की पेट्रोलिंग टीम पर हमला किया था। इस टीम पर हमला उस समय हुआ था जब वह नागालैंड के मेलुरी के किफिरे टाउन से वापस लौट रही थी। आईईडी ब्लास्ट में एक जवान घायल हो गया था।












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