Palghar: महाराष्ट्र के गृहमंत्री बोले- वायरल वीडियो में 'ओए बस' को कर दिया 'शोएब बस', आरोपियों में एक भी मुस्लिम नहीं
मुंबई: पालघर में हुई मॉब लिंचिंग की घटना को सांप्रदायिक रंग देने पर महाराष्ट्र सरकार गंभीर हो गई है। साथ ही अफवाह फैलाने वालों पर कार्रवाई की जा रही है। इस बीच महाराष्ट्र के गृहमंत्री अनिल देशमुख ने एक बार फिर साफ कर दिया है कि आरोपियों में कोई भी मुस्लिम नहीं था, साथ ही जो वीडियो वायरल किए जा रहे हैं वो सब फर्जी हैं। वहीं तीन एफआईआर के आधार पर सीआईडी ने जांच शुरू कर दी है। इससे पहले सीएम उद्धव ठाकरे ने लोगों से मामले को सांप्रदायिक रंग नहीं देने की अपील की थी।
Recommended Video

पालघर की घटना पर गृहमंत्री अनिल देशमुख ने बताया कि सीआईडी के एक आईजी रैंक के अधिकारी इस मामले की जांच कर रहे हैं। वहीं घटना के बाद 8 घंटे के अंदर 101 लोगों को गिरफ्तार किया गया था। महाराष्ट्र सरकार ने सभी आरोपियों के नाम भी जारी कर दिए हैं। वहीं उन्होंने साफ किया कि इस घटना में कोई भी मुस्लिम शामिल नहीं था। वहीं वायरल हो रहे वीडियो पर सफाई देते हुए देशमुख ने कहा कि वीडियो में कोई 'ओये बस' बोल रहा है, जिसे कुछ लोग 'शोएब बस' करके वायरल कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सभी राज्य कोरोना महामारी से लड़ रहे हैं, वहीं कुछ लोग पालघर घटना को सांप्रदायिक रंगे देने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसे लोगों पर कार्रवाई की जाएगी।
सीएम उद्धाव भी दे चुके हैं सफाई
पालघर मॉब लिंचिंग की घटना के बाद जारी एक वीडियो संदेश में सीएम उद्धव ठाकरे ने बताया था कि उन्होंने इस मामले में गृहमंत्री अमित शाह से बात की है। घटना की गंभीरता को देखते हुए वहां मौजूद दो पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया है। मामले की जांच के लिए ADG CID क्राइम अतुलचंद्र कुलकर्णी को जिम्मेदारी दी गई है। वहीं सीएम उद्धव ने साफ किया था कि ये घटना धर्म से जुड़ी नहीं है, ऐसे में अफवाह फैलाने वाले लोगों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
ये है पूरा मामला
दरअसल महाराष्ट्र के पालघर में गुरुवार को ग्रामीणों ने तीन लोगों को चोर समझकर पीट-पीटकर मार डाला। मृतकों की पहचान 35 वर्षीय सुशीलगिरी महाराज, 70 वर्षीय चिकणे महाराज कल्पवृक्षगिरी और 30 वर्षीय निलेश तेलगड़े के रूप में हुई है, निलेश साधुओं का ड्राइवर था। ये तीनों लोग मुंबई से सूरत किसी की अंत्येष्टि में शामिल होने जा रहे थे। पालघर जिले के एक गांव में 100 से ज्यादा लोगों की भीड़ इन पर टूट पड़ी। ग्रामीणों ने पुलिस की गाड़ी पर भी हमला किया था, बताया गया है कि इस पूरे इलाके में कुछ दिनों से बच्चा चोर गिरोह की अफवाह फैली हुई थी। बस लोगों ने इन्हें इसी गिरोह से संबंधित समझा और बिना सोचे समझे हमला करना शुरु कर दिया और तीनों को पीट-पीटकर मार डाला।












Click it and Unblock the Notifications