पहली बार दोनों तरफ से दलित उम्मीदवार होना, बाबा साहेब की देन: मायावती

नई दिल्ली। आज राष्ट्रपति चुनाव के लिए वोट डाले जा रहे हैं, सरकार बनाम विपक्ष की लड़ाई में इस वक्त दोनों ही ओर से बयान जारी है लेकिन इस जंग से परे बसपा सुप्रीमो मायावती ने एक बड़ी ही दिलचस्प बात कही है।

पहली बार दोनों तरफ से दलित उम्मीदवार होना, बाबा साहेब की देन: मायावती

प्रेसिडेंट चुनाव की वोटिंग शुरू होते ही मायावती ने कहा कि यह पहली बार है कि सत्ता और विपक्ष की ओर से दलित उम्मीदवार मैदान में उतारा गया है, अब इस बार कौन जीतेगा और कौन हारेगा, ये मायने नहीं रखता है बल्कि मायने ये रखता है कि इस बार जीत एक दलित की होगी इसलिए ये जीत बाबा साहेब, कांशीराम और बसपा की है।

खास बातेें

  • मायावती की पार्टी बसपा के लोकसभा में कोई सांसद नहीं हैं।
  • बसपा की ओर से राज्यसभा में 6 सासंद हैं।
  • यूपी में बसपा के 19 विधायक हैं।
  • एनडीए के राष्ट्रपति उम्मीदवार रामनाथ कोविंद मूलत: रूप से उत्तर प्रदेश से ही आते हैं।
  • तो वहीं विपक्ष की उम्मीदवार मीरा कुमार बिहार से हैं और दलित हैं।
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