पाकिस्तानियों को नहीं मिलती भारत की नागरिकता
नई दिल्ली(विवेक शुक्ला) हालांकि हिन्दुस्तानी दुनिया के अनेक देशों में जाकर बस रहे हैं बीते 150 सालों से भी अधिक समय से पर इसका मतलब ये नहीं है कि भारत में विदेशी बसना नहीं चाहते। वे भी भारत में आकर बसना चाहते हैं। पर पाकिस्तानियों-बांग्लादेशियों को नागरिकता नहीं दी जाती।

कितनों को दी
खैर, सरकार ने बीते साल यानी 2014 में 619 विदेशी नागरिकों को भारत की नागरिकता दी। साल 2013 में 563 लोगों को नागरिकता मिली। और साल 2012 में 556 लोगों को नागरिकता मिली।
सैकड़ों आवेदन
गृह मँत्रालय के सूत्र ने बताया कि हर साल उनके पास भारत की नागरिकता की चाहत रखने वाले सैकड़ों लोगों के निवेदन आते हैं। उन पर गहन ध्ययन होता है। उसके बाद ही भारत की नागरिकता दी जाती है।
फैसला गृह मंत्रालय का
विदेशियों को नागरिकता देने के संबंध में फैसला गृह मंत्रालय ही लेता है। इस बारे में उसका फैसला अंतिम होता है।
विदेशी बहुएं
जानकारों ने बताया कि आमतौर पर भारत की नागरिकता चाहने वाली वे महिलाएं होती हैं,जिन्होंने किसी भारतीय नागरिक से विवाह किया होता है। इनके अलावा कई बार भारतविद भी यहां की नागरिकता चाहते है। कुछ हिन्दू धर्म का अध्ययन करने वाले भी भारत की नागरिकता चाहते हैं।
पाकिस्तानियों के लिए कठिन
जानकारों ने बताया कि भारत की नागरिकता पाना कम से कम पाकिस्तान और बांग्लादेश के नागिरकों के लिए बेहद कठिन होता है। हां, इन्हें खास हालातों में देश में रहने का दीर्घकालिक वीजा तो मिल जाता है। पर नागरिकता का मिलना असंभव होता है। गृह मंत्रालय के सूत्रों ने बताया कि सरकार की इस बाबत नीति बेहद साफ है।












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