कोलकाता में दोपहिया वाहनों के लिए 8 दिसंबर से लागू होगा 'नो हेलमेट, नो फ्यूल' नियम
कोलकाता। पश्चिम बंगाल में अब दोपहिया वाहनों में पेट्रोल भरवाने के लिए हेलमेट अनिवार्य कर दिया गया है। हालांकि यह नियम फिलहाल पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में 8 दिसंबर, 2020 से 5 फरवरी, 2021 तक लागू रहेगा। 'नो हेलमेट, नो फ्यूल' नियम के तहत अगर किसी को अपने दोपहिया वाहन में पेट्रोल भरवाना है तो उसके पास हेलमेट होना जरूरी है। बता दें कि प्रदेश में हो रही सड़क दुर्घटनाओं को देखते हुए पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार ने यह फैसला लिया है। बता दें कि इससे पहले कोरोना वायरस संकट के बीच प्रदेश में 'नो मास्क, नो फ्यूल' नियम की भी शुरुआत की गई थी।

गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में दोपहिया वाहनों से होने वाली सड़क दुर्घटनाओं के मामले काफी बढ़े हैं। इसमें अधिकर मौतें हेलमेट न पहनने की वजह से दर्ज की गई। लोगों को हेलमेट के प्रति जागरुक करने के लिए अब 'नो हेलमेट, नो फ्यूल' नियम की शुरुआत की है। जिसके तहत अगर कोलकाता में आपको पेट्रोल भरवाना है तो हेलमेट साथ होना अनिवार्य कर दिया गया है। हालांकि यह नियम सिर्फ 2 महीने के लिए लागू किया गया है लेकिन हालात में सुधार न आने पर इसकी अवधि को बढ़ाया भी जा सकता है। बता दें कि जल्दी ही पश्चिम बंगाल सरकार सड़क दुर्घटनाओं में घायलों की मदद के लिए जल्द ही मुफ्त एंबुलेंस सेवा शुरू करने वाली है।
यहां चार साल से ऊपर की सवारी के लिए भी हेलमेट अनिवार्य
बतां दे कि कर्नाटक राज्य परिवहन विभाग ने अक्टूबर में चार साल से ऊपर के सभी दोपहिया वाहन सवारों के लिए हेलमेट अनिवार्य कर दिया है। राज्य सरकार ने नियमों का उल्लंघन के लिए कानूनी दंड और 3 महीने के लिए ड्राइविंग लाइसेंस को सस्पेंड करने का निर्देश दिया है। बता दें कि सूबे के परिवहन विभाग के नए नियमों के अनुसार अब टू-व्हीलर वाहनों पर 4 साल से ऊपर से बच्चों को भी हेलमेट पहनना अनिवार्य कर दिया गया है।
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