कोरोना के बढ़ते मामलों के चलते गणतंत्र दिवस कार्यक्रम में नहीं शामिल होंगे विदेशी मेहमान
नई दिल्ली, 19 जनवरी। गणतंत्र दिवस की तैयारियां जोरशोर से चल रही हैं। लेकिन जिस तरह से देश में कोरोना के मामलो में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है उसे देखते हुए इस इस बार गणतंत्र दिवस समारोह में विदेशी मेहमान शामिल नहीं होंगे। लगातार दूसरे साल कोरोना के चलते गणतंत्र दिवस का कार्यक्रम बिना विदेशी मेहमानों के होगा। बता दें कि भारत ने कजाकिस्तान, किरगिस्तान, ताजिकिस्तान, तुर्कमेनिस्टान और उजबेकिस्तान के नेताओं को गणतंत्र दिवस कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए न्योता दिया था, हालांकि इसको लेकर कोई आधिकारिक ऐलान नहीं किया गया था, लेकिन अब कोरोना के चलते गणतंत्र दिवस के कार्यक्रम में ये विदेशी मेहमान शिरकत नहीं करेंगे।
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पिछले कुछ हफ्तों में कोरोना वायरस के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन के मामले काफी तेजी से बढ़े हैं, वहीं हाल ही में कजाकिस्तान में हिंसक प्रदर्शन में 220 लोगों की जान चली गई, मऐसे में इसी के चलते गणतंत्र दिवस के कार्यक्रम में गणमान्य शिरकत नहीं करेंगे। एक राजनयिक ने बताया कि फिलहाल पांचों देश वर्चुअल समिट पर अपना ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। सभी 6 देश राजनयिक रिश्तों के 30 साल पूरे होने के मौके पर वर्चुअल समिट का आयोजन किया जाएगा, हालांकि इसकी तारीख का अभी ऐलान नहीं किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार वैकल्पिक चीफ गेस्ट की संभावनाओं से भी इनकार किया गया है।
बता दें कि पिछले साल भी भारत में बिना किसी मुख्य अतिथि के गणतंत्र दिवस के कार्यक्रम को मनाया गया था। पिछले साल यूके के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन को बतौर मुख्य अतिथि भारत आना था लेकिन आखिरी समय पर कोरोना के बढ़ते मामलों की वजह से उन्होंने भारत का दौरा रद्द कर दिया था। 2021 से पहले 1966 में गणतंत्र दिवस का कार्यक्रम बिना मुख्य अतिथि के हुआ था। उस साल लाल बहादुर शास्त्री के निधन के बाद 24 जनवरी को इंदिरा गांधी देश की प्रधानमंत्री बनी थीं। इसके अलावा 1952 और 1953 मे भी गणतंत्र दिवस के मौके पर मुख्य अतिथि नहीं आए थे।












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