'लोकसभा चुनाव को लेकर कर मांग नोटिस पर कांग्रेस के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की', SC से बोले IT विभाग
Lok Sabha Election 2024: 'टैक्स आतंकवाद' के आरोपों के बीच 1 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट में आयकर विभाग ने मार्च में उठाए गए लगभग 3500 करोड़ की कर मांगों पर भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के खिलाफ कोई 'जबरदस्ती कदम' नहीं उठाने का अपने संकल्प को बताया है।
न्यायमूर्ति बीवी नागरत्ना की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष सुनवाई की शुरुआत में सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि चूंकि चुनाव चल रहा है, हम नहीं चाहते कि किसी भी राजनीतिक दल के लिए कोई समस्या पैदा हो। हम तब तक कोई कठोर कदम नहीं उठाएंगे, जब तक मामले की सुनवाई 24 जुलाई 2024 को फिर से होगी।

सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि मुझे निःशब्द कर दिया है। वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी कांग्रेस की ओर से घटनाओं के अप्रत्याशित मोड़ पर प्रतिक्रिया व्यक्त की।
आयकर विभाग के नए नोटिस से कांग्रेस की मुश्किल बढ़ गई है। आयकर विभाग ने कांग्रेस से कुल 3567 करोड़ रुपये की मांग की थी। अधिकारियों ने मार्च 2016 के दिल्ली उच्च न्यायालय के आदेश के आधार पर राजनीतिक दलों को मिलने वाली कर छूट को समाप्त कर दिया था और पार्टी की सकल प्राप्ति पर कर लगाया था।
बता दें कि कांग्रेस के बैंक अकाउंट्स सीज होने के बाद पार्टी को नए लोन नोटिस मिले हैं। कांग्रेस ने शनिवार को कहा कि पार्टी को 1800 करोड़ रुपये से अधिक का ताजा लोन नोटिस मिलने के एक दिन बाद पिछली रात आयकर विभाग से दो और नोटिस मिले।
एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए वरिष्ठ कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा कि कल रात हमें दो और नोटिस भेजे गए। जयराम रमेश ने बताया कि कांग्रेस "टैक्स आतंकवाद" का निशाना है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विपक्षी दलों को पंगु बनाना चाहते हैं।
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