बिहार में राजनीतिक घमासान के बीच लालू ने किया नोटबंदी का समर्थन
आरजेडी सुप्रीमो लालू यादव ने अब नोटबंदी का समर्थन किया है और कहा है कि उनका विरोध केवल इसे लागू किए जाने में हुई अव्यवस्था और बदइंतजामी से है, ना कि इसके पीछे छुपे मकसद से।
पटना। नोटबंदी को लेकर बिहार की राजनीति में चल रहा घमासान क्या थम गया है? ऐसा इसलिए कहा या पूछा जा रहा है क्योंकि नोटबंदी का लगातार विरोध कर रहे लालू यादव ने अपना बागी रुख बदल लिया है। 8 नवंबर के बाद से ही केंद्र सरकार के इस फैसले का लगातार विरोध कर रहे आरजेडी सुप्रीमो लालू यादव ने अब नोटबंदी का समर्थन किया है और कहा है कि उनका विरोध केवल इसे लागू किए जाने में हुई अव्यवस्था और बदइंतजामी से है, ना कि इसके पीछे छुपे मकसद से।

आपको बता दें कि नोटबंदी को लेकर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार शुरु से ही समर्थन में हैं और बिहार सरकार में लालू की पार्टी भी गठबंधन के तौर पर शामिल है। विपक्षी दलों में अबतक नीतीश कुमार ही एक मात्र ऐसे अकेले नेता हैं जो खुलकर ना केवल नोटबंदी के समर्थन में हैं बल्कि इस फैसले के लिए मोदी सरकार की तारीफ भी कर चुके हैं। नीतीश के इस समर्थन को बिहार की राजनीति में होने वाले संभावित बदलावों का संकेत माना जा रहा था। कयास लगाया जा रहा है कि नीतीश BJP के करीब आ रहे हैं।
और क्या कहा लालू यादव ने
लालू ने नीतीश की मौजूदगी में ही अपनी पार्टी राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के विधायकों से कहा कि वह नोटबंदी का तो समर्थन करते हैं, लेकिन केंद्र द्वारा इसे लागू करने में हुई अव्यवस्था और अपर्याप्त तैयारियों के विरोध में हैं। नीतीश और लालू के बीच हुई बैठक करीब 1 घंटे तक चली।
अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक RJD के विधायक अनवर आलम ने बताया कि लालू और नीतीश, दोनों ने ही नोटबंदी के पक्ष में बोला है। आलम ने बताया, 'लालू जी ने नोटबंदी का समर्थन किया, लेकिन इसे पूरी तैयारी के साथ लागू नहीं करने और आम जनता को इसके कारण हुई असुविधाओं का उन्होंने विरोध किया है।'
राबड़ी ने नोटबंदी पर दिया तल्ख बयान
लालू यादव की पत्नी और बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने मंगलवार को ही नीतीश पर काफी तल्ख बयान भी दिया था। उन्होंने कहा था कि पत्रकारों ने जब राबड़ी से पूछा कि सुशील कुमार मोदी ने आग्रह किया है कि नीतीश कुमार भाजपा के साथ आ जाएं तो राबड़ी ने कहा कि मोदी जी आकर नीतीश को ले जाएं और उनसे अपनी बहन की शादी करा लें। हालांकि बाद में वह अपनी बात को मजाक बता गईं।












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