बिहार में नीतीश की नई सरकार, मंत्रिमंडल में दिखी 2019 की तैयारी
बिहार के नए मंत्रिमंडल में बीजेपी का असर साफतौर पर देखा जा सकता है। बीजेपी ने इस मंत्रिमंडल के जरिए 2019 को लेकर तैयारी भी शुरू कर दी है।
नई दिल्ली। बिहार में नीतीश कुमार की नई सरकार मंत्रिमंडल का विस्तार हो गया है। नीतीश मंत्रिमंडल में कुल 26 लोगों को मंत्री बनाया गया है। इसमें बीजेपी से 11, जेडीयू से 14 विधायकों को मंत्री बनाया गया है। वहीं नीतीश कैबिनेट में केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान के भाई पशुपति कुमार पारस को भी जगह मिली है। नई नीतीश सरकार में जातिय समिकरणों के साथ-साथ भौगोलिक समिकरणों का भी खासा ख्याल रखा गया है। साथ ही इस मंत्रिमंडल के जरिए 2019 के रण को भी साधने की कोशिश की गई है।

जातिगत समिकरणों का खासा ख्याल
नीतीश कुमार की नई सरकार में सवर्ण जाति से 9, ईबीसी से 6, दलित कोटे से 5, यादव कोटे से 3, कोइरी जाति से 2 और कुर्मी जाति से 1 मंत्री बने हैं। बीजेपी और जेडीयू ने दोनों दलों ने जातिय समिकरणों का पूरा ख्याल रखा है। इस बार के मंत्रिमंडल में खास बात ये है कि बीजेपी ने दलितों और पिछड़ों को भी साधने की कोशिश की है।

2019 पर पैनी नजर
बिहार के नए मंत्रिमंडल में बीजेपी का असर साफतौर पर देखा जा सकता है। बीजेपी ने इस मंत्रिमंडल के जरिए 2019 को लेकर तैयारी भी शुरू कर दी है। बीजेपी ने सर्वणों के साथ-साथ दलितों और पिछड़ो को भी अपने कोटे से मंत्रिमंडल में जगह दिया है जिसका फायदा उसको 2019 के चुनावों में मिल सकता है। बीजेपी ने सवर्णों के साथ अब अपने कोर वोट बैंक में ईबीसी को शामिल कर लिया है। विजय कुमार सिन्हा बीजेपी कोटे से पहली बार मंत्री बने हैं तो बांका से भाजपा विधायक रामनारायण मंडल को भी बीजेपी कोटे से मंत्री बनाया गया है।

मंत्रिमंडल के जरिए एनडीए का मास्टरस्ट्रोक
एनडीए के जातीय समीकरणों पर गौर करे तो बीजेपी, जेडीयू और एलजेपी का गठजोड़ बेहद ताकतवर बन रहा है। बीजेपी पर सवर्णों को भरोसा है, तो जेडीयू पर ईबीसी, कुर्मी और महादलित का भरोसा बरकरार है। रामविलास पासवान के जरिए दलित भी इस गठबंधन में जुड़ सकते है। मतलब 2019 के मद्देनजर जोरदार तैयारी है। नए मंत्रिमंडल में जेडीयू और बीजेपी दोनों दलों ने यादव जाति को अपने साथ जोड़ने की कोशिश की है।












Click it and Unblock the Notifications