बिहार में नीतीश विरोधी मुहिम का आगाज, 2020 में एकला चलेगा जदयू!

बेंगुलरू। बिहार में बीजेपी और जदयू गठबंधन की सरकार में रार एक बार फिर शुरू हो चुका है। कुछ दिन पहले ही जदयू ने 'क्यूं करें विचार ठीके है नीतीश कुमार' का एक पोस्टर जारी किया था, लेकिन लगता है नीतीश विरोधियों को यह रास नहीं आया है। यही कारण था कि नीतीश विरोधी बीजेपी गुट के नेता संजय पासवान ने नीतीश को गद्दी छोड़ने की सलाह दे डाली।

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हालांकि बात बिगड़ने से पहले डिप्टी सीएम सुशील मोदी ने मोर्चा संभालते हुए साफ कर दिया कि अगले विधानसभा चुनाव में भी नीतीश कुमार एनडीए के कैप्टन होंगे। बात यही खत्म नहीं हुई है, क्योंकि बयानबाजी के बाद नीतीश विरोधी बीजेपी एमएलसी संजय पासवान दिल्ली पहुंचकर बीजेपी नेता गिरिराज सिंह से मुलाकात की है। माना जा रहा है कि बीजेपी में मौजूद नीतीश विरोधी गुट होने वाले अगले विधानसभा चुनाव में नीतीश कुमार के चेहरे को लेकर सहज नहीं हैं।

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गौरतलब है संजय पासवान द्वारा नीतीश कुमार को सीएम की गद्दी छोड़ने और दिल्ली जाकर केंद्र में मंत्री बनने की सलाह वाले बयान के बाद डिप्टी सीएम सुशील मोदी ने मोर्चा संभाल लिया और संजय पासवान के बयान को पूरी तरह से खारिज कर दिया था, लेकिन बिहार बीजेपी के वरिष्ठ नेता डॉ. सीपी ठाकुर ने बिना रुके सुशील मोदी को सलाह दे डाली कि उन्हें ऐसा बयान नहीं देना चाहिए था।

गिरिराज सिंह लोकसभा चुनाव 2019 के पहले भी बिहार में नेतृत्व पर सवाल उठा चुके हैं। सुशील मोदी पर निशाना साधते हुए सीपी ठाकुर ने कहा कि अभी बीजेपी ने सीएम पद का उम्मीदवार तय नहीं किया है, जिस पर बीजेपी की होने वाली आगामी बैठक में फैसला होगा।

गिरिराज सिंह ने सीपी ठाकुर के बयान का समर्थन करते हुए दोहराया कि बीजेपी में कोई व्यक्ति नहीं शीर्ष नेतृत्व तय करता है कि चेहरा कौन होगा। उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लोकसभा चुनाव जीत मिली थी और अभी तीन महीने पहले लोकसभा चुनाव लड़ा गया हैं।

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चूंकि बिहार की जनता ने नरेंद्र मोदी पर विश्वास किया है। चूंकि बिहार में एनडीए की सरकार है और नीतीश कुमार मुख्यमंत्री है, लेकिन आगे कौन होगा, उस पर प्रतिक्रिया आगे दी जाएगी। उधर, संजय पासवान से मुलाकात को गिरिराज सिंह ने अनौपचारिक मुलाकात करार देते हुए कहा कि वो उनके अच्छे दोस्त हैं और उनसे शिष्टाचार मुलाकात हुई है और वो जब भी दिल्ली आते हैं तो हमसे जरूर मिलते हैं।

नीतीश से पुरानी अदायत रखने वाले केंद्र में मंत्री गिरिराज से पहले भी नीतीश के नेतृत्व पर सवाल उठाते रहते हैं, लेकिन लगता है इस बार लड़ाई बड़ी हो सकती है। क्योंकि नीतीश कुमार को बिहार की गद्दी छोड़ने की सलाह देने वाले बीजेपी एमएलसी संजय पासवान ने संकेत देते हुए कहा था कि नीतीश कुमार को बिहार में 15 साल हो चुके हैं और अब डिप्टी सीएम को पूरा मौका मिलना चाहिए। इससे माना जा रहा है कि 2020 में होने वाले बिहार विधानसभा चुनाव में बीजेपी और जदयू के बीच गठबंधन में एक बार फिर गांठ पड़ सकती है।

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जदयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता संजय सिंह ने संजय पासवान के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जदयू को किसी के सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं है, क्योंकि सीएम नीतीश के काम को सभी जानते हैं। मुख्यमंत्री नीतीश को बिहार का चेहरा बताते हुए संजय सिंह ने कहा कि संजय पासवान मोदी मॉडल 2015 बिहार विधानसभा में कहां चला गया था।

संजय सिंह की प्रतिक्रिया के बाद महागठबंधन सरकार में शामिल राष्ट्रीय जनता दल भी विवाद में कूद पड़ा। राजद उपाध्यक्ष शिवानंद तिवारी ने चुटकी लेते हुए कहा कि जो संजय पासवान ने कहा है वो बीजेपी में कई लोगों के मन की बात है, इससे सीएम नीतीश को गठबंधन में अपनी स्थिति का अंदाजा लग गया होगा।

उल्लेखनीय है बिहार बीजेपी में नीतीश विरोधी लगातार बिहार में नीतीश को गठबंधन का चेहरा बनाए जाने के खिलाफ रहा है। इनमें केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह अकेले ऐसे नेता हैं, जो सरेआम नीतीश का विरोध करते हुए नजर आते हैं। याद कीजिए नीतीश कुमार द्वारा आयोजित इफ्तार पार्टी पर चुटकी लेते हुए गिरिराज सिंह ने किए ट्वीट में क्या कहा था। हालांकि गिरिराज सिंह ट्वीट पर तत्कालीन बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने गिरिराज सिंह को डांट लगाई थी, जिसके बाद से अब एक बार फिर गिरिराज सिंह ने नीतीश विरोधी मुहिम छेड़ते हुए उनके खिलाफ बयानबाजी शुरू कर दी है।

दरअसल, गिरिराज सिंह जेडीयू के वरिष्ठ नेता और भवन निर्माण मंत्री अशोक चौधरी द्वारा उन पर कसे गए तंज से आहत बताए जाते हैं। अशोक चौधरी ने गिरिराज के इफ्तार पार्टी पर दिए गए ट्वीट का जवाब देते हुए कहा था कि गिरिराज सिंह की इतनी हैसियत ही नहीं है कि वो नीतीश कुमार को कोई नसीहत दें।

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उन्होंने आगे कहा, 'यह वही गिरिराज सिंह थे, जो चुनाव के वक्त नीतीश को 10 -10 बार फोन करते थे और अपने पक्ष में चुनाव प्रचार के लिए आग्रह किया करते थे। चौधरी ने कहा कि आज वह जो 4.5 लाख वोट से जीतकर संसद पहुंचे है और मंत्री बने हैं वह नीतीश कुमार की ही देन है।

इस बीच, बिहार गठबंधन में सरकार में शामिल लोक जनशक्ति पार्टी ने नीतीश समर्थन कर नीतीश विरोधी गुट की मुहिम को धक्का पहुंचा दिया है। एलजेपी संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष चिराग पासवान ने कहा है कि बिहार में नीतीश कुमार का कोई विकल्‍प नहीं है। कोई क्या बोलता है, इससे फर्क नहीं पड़ता है।

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इस संबंध में बीजेपी का कोई अधिकृत बयान नहीं आया है। चिराग ने कहा कि नीतीश कुमार को लेकर किसी की कोई व्यक्तिगत राय हो सकती है, लेकिन एलजेपी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को ही एनडीए के नेता मानती है। वहीं, केंद्र में मंत्री व एलजेपी सुप्रीमो रामविलास पासवान भी नीतीश का समर्थन किया है।

यह भी पढ़ें-नीतीश कुमार को लेकर सुशील कुमार मोदी ने दिया बड़ा बयान

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