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Nitin Gadkari: एयरबस प्रोजेक्ट के लिए नितिन गडकरी ने टाटा को लिखा था पत्र, नागपुर में की थी लगाने की अपील

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Nitin Gadkari, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने हाल ही में टाटा समूह से अपने गृह राज्य महाराष्ट्र के नागपुर और उसके आसपास के इलाकों में निवेश की मांग की थी। गडकरी ने टाटा को इन इलाकों में उपलब्ध बुनियादी ढांचे, भूमि की उपलब्धता और कनेक्टिविटी जैसी सुविधाओं का हवाला दिया था। लेकिन ये दोनों प्रोजेक्ट गुजरात को मिले हैं। जिससे महाराष्ट्र का राजनीति गरमा गई है। इसमें एक प्रोजेक्ट वडोदरा में लगा रहा टाटा-एयरबस सी-295 परिवहन विमान प्रोजेक्ट है।

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    टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन को 7 अक्टूबर को लिखे एक पत्र में गडकरी ने नागपुर को टाटा ग्रुप (टाटा एयरबस) का हब बनाने का अनुरोध किया गया था। पत्र में उन्होंने लिखा था कि, टाटा समूह के विभिन्न उद्योगों और व्यवसायों के अनुरूप मिहान, नागपुर में एसईजेड और नॉन -एसईजेड दोनों भूमि उपलब्ध है। इसलिए इस स्थान पर टाटा समूह के विभिन्न उद्योगों के लिए एक बड़ा गोदाम बनाया जा सकता है।

    दो बड़े प्रोजेक्ट महाराष्ट्र के हाथों से फिसलकर गुजरात जाने के बाद ये पत्र मीडिया के सामने आए हैं। जिसमें एक प्रोजेक्ट फॉक्सकॉन-वेदांता का था। जो चिप निर्माण के लिए 1.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश करेगी। वहीं दूसरा प्रोजेक्ट 22,000 करोड़ रुपये की विमान निर्माण परियोजना है। जिसे टाटा और एयरबस मिलकर गुजरात में एयरबस विमानों का निर्माण करेंगी।

    हाल ही में एक कार्यक्रम में चंद्रशेखरन ने कहा था कि टाटा समूह इलेक्ट्रॉनिक्स, नवीकरणीय ऊर्जा, इलेक्ट्रिक वाहनों और अन्य आधुनिक क्षेत्रों में निवेश की तलाश कर रहा है। इसके लिए समूह मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में नवगठित राज्य सरकार के साथ काम कर रहा है। पत्र में गडकरी ने कहा कि नागपुर SEZ और गैर-SEZ क्षेत्र में मल्टी-मॉडल इंटरनेशनल हब एयरपोर्ट में 3,000 एकड़ से अधिक भूमि उपलब्ध है। पहले से ही बहुत सी कंपनियों ने आसपास के क्षेत्र में बेस स्थापित किए हैं।

    गडकरी ने अपने लेटर में कहा था कि, टाटा स्टील, टाटा मोटर्स, टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स, वोल्टास, टाइटन इंडस्ट्रीज, बिग बास्केट जैसी टाटा समूह की कंपनियां छह राज्यों के 350 जिलों के साथ शानदार कनेक्टिविटी, भूमि की कम दरों, मेनपावर और वेयरहाउसिंग जैसी सुविधा का आनंद नागपुर में ले सकती हैं। गडकरी ने कहा कि, समूह की कंपनियां पहले से ही मध्य भारत के नागपुर में एक सदी से अधिक समय से मौजूद हैं।

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    गडकरी ने श्री चंद्रशेखरन से कहा कि टाटा समूह की एयरलाइन उद्यम एयर इंडिया, विस्तारा और एयर एशिया इंडिया नागपुर को अपने संचालन का केंद्र बनाकर और रात में विमान पार्किंग चुनकर लागत में कटौती कर सकती है। मिहान और नागपुर में टाटा ग्रुप को अपने व्यवसाय का विस्तार करने के लिए जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर भी है।

    इस प्रोजेक्ट के महाराष्ट्र से निकलकर गुजरात जाने पर पूर्व कैबिनेट मंत्री आदित्य ठाकरे ने नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा है कि वह जुलाई से ही इस बारे में आवाज उठा रहे थे। आदित्य ठाकरे ने सवाल उठाया है कि क्या महाराष्ट्र सरकार के उद्योग मंत्री चार प्रोजेक्ट्स के राज्य से बाहर जाने के बाद अपने पद से इस्तीफा देंगे?

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    English summary
    Nitin Gadkari Tata Group Nagpur Maharashtra tata airbus c 295 project Gujarat
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