नीति आयोग ने तीसरी लहर को लेकर फिर चेताया, कहा- सितंबर में आ सकते हैं 4 से 5 लाख केस रोजाना
नई दिल्ली, अगस्त 22। कोरोना महामारी की तीसरी लहर का खतरा अब भी देश पर लगातार मंडरा रहा है। इस साल मई-जून में हम कोरोना की दूसरी लहर का घातक रूप देख चुके हैं, लेकिन एक्सपर्ट का मानना है कि कोरोना की तीसरी लहर और भी खतरनाक हो सकती है। नीति आयोग ने आशंका जताई है कि तीसरी लहर का विक्राल रूप सितंबर महीने में देखने को मिल सकता है। नीति आयोग के मुताबिक, सितंबर महीने में देश के अंदर 4 से 5 लाख कोरोना के केस रोजाना आ सकते हैं। ऐसे में 2 लाख आईसीयू बेड का इंतजाम रखा जाए।

100 संक्रमित मरीजों में से 23 होंगे अस्पताल में भर्ती
आपको बता दें कि पिछले महीने ही नीति आयोग के सदस्य डॉक्टर वीके पॉल ने कोरोना की तीसरी लहर को लेकर केंद्र सरकार को कुछ सुझाव दिए थे, जिसमें कहा गया था कि तीसरी लहर के दौरान कोरोना के 100 संक्रमित मरीजों में से 23 को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ सकता है। साथ ही सरकार को 2 लाख ICU बेड की व्यवस्था रखने का सुझाव भी दिया गया था, जिसमें वेंटिलेटर के साथ 1.2 लाख आईसीयू बेड, 7 लाख नॉन आईसीयू बेड (इनमें 5 लाख ऑक्सीजन की क्षमता वाले) और 10 लाख कोविड केयर बेड शामिल हैं।
पिछले साल भी नीति आयोग ने की थी भविष्यवाणी
नीति आयोग ने पिछले साल भी सितंबर महीने में दूसरी लहर को लेकर ये कहा था कि संक्रमित मरीजों में 20 प्रतिशत का हाल ऐसा होगा कि उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ सकता है, लेकिन अनुमान से कहीं ज्यादा लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। कोरोना की दूसरी लहर के दौरान 1 जून को जब देश भर में एक्टिव केस की संख्या 18 लाख थी तो उस वक्त 21.74 फीसदी मरीज 10 राज्यों में अस्पताल में भर्ती थे। इसके अलावा उनमें से 2.2 फीसदी को ICU में भर्ती किया गया था।












Click it and Unblock the Notifications