Nithari Kand: नोएडा के गांव निठारी की 'खूनी कोठी D-5'अब 17 साल बाद फिर क्यों आई चर्चा में?
What happened in nithari case: दिल्ली से सटे नोएडा के सेक्टर 31 के गांव निठारी की कोठी नंबर डी-5 फिर चर्चा में है। ये वो खूनी कोठी है, जिसके अंदर गई लड़की वापस नहीं लौटी। रेप के बाद उसकी न केवल हत्या हुई बल्कि शव भी गायब कर दिया गया।
दरअसल, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 16 अक्टूबर 2023 को निठारी कांड के मुख्य आरोपी व कोडी नंबर डी-5 के मालिक मोनिंदर सिंह पंढेर को 12 व घरेलू नौकर सुरेंद्र कोली को 2 मामलों में बरी कर दिया गया है। दोनों को निचली अदालत ने फांसी की सजा सुनाई थी।

अय्याशी का अड्डा कैसे बनी कोठी नंबर D-5?
बता दें कि पंजाब के व्यवसायी मोनिंदर सिंह पंढेर ने नोएडा के गांव निठारी में स्थित अपनी कोठी डी-5 को अय्याशी का अड्डा बना रखा था। उत्तराखंड के अल्मोड़ा का रहने वाला सुरेंद्र कोली इस कोठी में खाना बनाने का काम करता था। पंढेर की कोठी पर कॉल गर्ल आया करती थी। इस दौरान कोली कोठी के गेट पर नजर रखा करता था। फिर इन दोनों ने कोठी के पास से गुजरने वाले बच्चों को भी अपना शिकार बनाना शुरू कर दिया था। उनके साथ जबरदस्ती कर उन बच्चों की हत्या कर देते और शव गंदे नाले में ठिकाने लगा देते थे।
निठारी कांड का कैसे खुलासा हुआ?
- CBI के विशेष लोक अभियोजक जेपी शर्मा के अनुसार पश्चिम बंगाल के बहरामपुर की 20 वर्षीय युवती नोएडा के निठारी की एक कोठी में घरेलू सहायिका थी।
- वह रोजाना कोठी डी-5 के सामने से गुजरा करती थी। 5 अक्टूबर 2006 की दोपहर को वह कोठी में काम खत्म करके घर नहीं लौटी। पिता ने नोएडा के सेक्टर 20 पुलिस थाने में उसकी गुमशुदगी दर्ज करवाई।
- 29-30 दिसंबर 2006 को पुलिस जांच के दौरान कोठी डी-5 के पास नाले में 40 पैकेट मिले, जिनमें 19 बच्चों, युवतियां व महिलाओं के मानव अंग भरे हुए थे। 10 जनवरी 2007 को केस सीबीआइ को ट्रांसफर किया गया।
- सीबीआई ने 11 जनवरी 2007 को पंढेर व कोली के खिलाफ युवती के अपहरण, दुष्कर्म और हत्या का मुकदमा दर्ज किया. जांच के बाद 11 अप्रैल 2007 को चार्जशीट पेश की थी। पुलिस ने मोनिंदर और सुरेंद्र के खिलाफ रेप और हत्या के कुल 19 मामले दर्ज किए थे।












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