निसारगा तूफानः तटीय इलाकों से वर्ली Covid-19 केंद्र में शिफ्ट किए जाएंगे 150 कोरोना मरीज
नई दिल्ली। मौसम विभाग द्वारा निसारगा चक्रवात की चेतावनी के मद्देनजर महाराष्ट्र सरकार ने एमएमआरडीए (मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजनल डेवलपमेंट अथॉरिटी) में एडमिट 150 कोरोना संक्रमित मरीजों को बीकेसी में स्थानांतरित करने का निर्णय लिया है। सभी 150 मरीजों को वर्ली स्थित Covid-19 सुविधा केंद्र में शिफ्ट किया जाएगा। वर्ली स्थित Covid -19 सुविधा केंद्र एक छत युक्त केंद्र है।
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गौरतलब है महाराष्ट्र सरकार ने यह निर्णय आईएमडी द्वारा चक्रवातीय तूफान निसारगा को लेकर की गई भविष्यवाणी के बाद लिया है, क्योंकि चक्रवातीय तूफान निसारगा की हवा की गति 125 किमी / घंटा तक जाने की चेतावनी दी गई है।

एमएमआरडीए के आयुक्त आरए राजीव ने बताया कि एहतियात के तौर पर राज्य सरकार ने मरीजों को सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित करने का निर्णय लिया है। उन्होंने बताया कि निसारगा तूफान के देखते हुए समुद्री तटों की मजबूती के लिए इंजीनियर्स काम पर रहे हैं और खंभों को रेत की थैलियों से मजबूत किया जा रहा है ताकि तूफान से होने वाले नुकसान को कम किया जा सकें।

MMRD सूत्रों के मुताबिक तटीय इलाकों में जर्मन प्रौद्योगिकी वाले सफेद टेंट लगाए गए है, जो 100 /घंटा तक हवा की गति का सामना कर सकते है, लेकिन आईएमडी की चेतावनी के मद्देनजर उक्त 125 किमी / घंटा की हवा की गति में निष्प्रभावी रहेंगी। हालांकि अतीत के अनुभवों के आधार पर MMRDA का मानना है कि निसारगा तूफान में हवा की गति 100 किमी / घंटा से ऊपर नहीं जाएगी।

उल्लेखनीय है महाराष्ट्र सरकार ने गत 1 जून को निसारगा चक्रवातीय तूफान की चेतावनी के मद्देनजर सभी संबंधित अधिकारियों के साथ जमीनी तैयारियों को पूरा करने के लिए एक महत्वपूर्ण बैठक की थी, जिसमें यह तय किया गया कि कोरोनावायरस मरीजों को सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित किया जाए।

बीएमसी के एक अधिकारी ने कहा कि बीकेसी-एमएमआरडीए के मरीज एसिम्प्टोटिक हैं, इसलिए उन्हें शिफ्ट करने में बहुत अधिक समस्या नहीं है।












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