उरी आतंकी हमला: नहीं मिले सबूत, NIA ने रिहा किए दो पाकिस्तानी
एनआईए ने कहा कि ये दोनों युवक अपने माता-पिता से झगड़ा होने के बाद भारत में गलती से आ गए थे। दोनों को पाकिस्तान वापस भेजने के लिए भारतीय सेना को सौंप दिया गया है।
नई दिल्ली। देश की शीर्ष एंटी-टेरर एजेंसी एनआईए ने पाकिस्तान के उन दो युवको को रिहा कर दिया है, जिन्हें 18 सितंबर को हुए उरी आतंकी हमले में आतंकियों की मदद करने के आरोप में पकड़ा गया था। एनआईए ने दोनों युवकों को वापस उनके घर भेजने के लिए भारतीय सेना को सौंप दिया है। इस बारे में पाकिस्तान के डीजीएमओ को सूचना दे दी गई है। दोनों पाक नागरिकों को 10 मार्च 2017 को वाघा बॉर्डर के जरिए पाकिस्तान को सौंप दिया जाएगा।

एक ही कक्षा में पढ़ने वाले इन दोनों लड़कों को सभी आरोपों से मुक्त करते हुए एनआईए ने कहा कि फैसल हुसैन अवन और एहसान खुर्शीद का कोई आतंकी कनेक्शन नहीं मिला है। एनआईए ने कहा कि ये दोनों लड़के अपने माता-पिता से झगड़ा होने के बाद भारत में गलती से आ गए थे। एनआईए ने अपने बयान में कहा है कि दोनों नागरिकों को पाकिस्तान वापस भेजने के लिए भारतीय सेना को सौंप दिया गया है।
उरी हमले में शहीद हुए थे 19 भारतीय सैनिक
आपको बता दें कि 18 सितंबर 2016 को उरी में हुए आतंकी हमले में इन दोनों के शामिल होने का शक जाहिर करते हुए एनआईए ने इन्हें गिरफ्तार किया था। इस हमले में 19 भारतीय सैनिक शहीद हुए थे। इन दोनों युवकों को उत्तरी कश्मीर में उरी के पास गावथान इलाके से गिरफ्तार किया गया था। दोनों के खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं मिलने के कारण एनआईए ने इन्हें रिहा कर दिया। इस संबंध में एनआईए ने बुधवार को जम्मू की स्पेशल कोर्ट में एक क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की। ये भी पढ़ें- पाकिस्तान को ठेंगा, अमेरिका ने सर्जिकल स्ट्राइक को बताया जिम्मेदारी भरा कदम












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