नकली नोट के रैकेट का पर्दाफाश करने के लिए NIA की चार राज्यों में छापेमारी
एनआईए ने नकली नोटों के मामले मे शनिवार को चार राज्यों में छापेमारी की है। एनआईए ने यह छापेमारी नकली नोट को बनाने और उसे फैलाने वाले नेटवर्क के खिलाफ की है। दरअसल हाल ही में 6600 रुपए के फर्जी नोट, करेंसी प्रिंटर कागज, प्रिंटर और डिजिटल गैजेट को जब्त किया गया था।
24 नवंबर को एनआईए ने इस मामले में आईपीसी की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया था। जिसके बाद सीमा पार के संदिग्ध लोगों के बड़े षड़यंत्र का पर्दाफाश करने के लिए छापेमारी की गई है, जो भारत में अलग-अलग राज्यों में नकली नोट को फैलाने की साजिश रच रहे हैं।

एनआईए को पुख्ता जानकारी मिली थी जिसके बाद चार अलग-अलग राज्यों में छापेमारी की गई है। संदिग्ध लोगों में राहुल तानाजी पाटिल भी शामिल है जोकि महाराष्ट्र के कोल्हापुर का है। इसके अलावा यवतमाल जिले के शिवा पाटिल, उत्तर प्रदेश के सहारनपुर के विवेक ठाकुर, कर्नाटक के बेल्लारी जिले का महेंद्र और बिहार के रोहतास जिले का शशि भूषण शामिल है।
नकली नोट विवेक ठाकुर के घर से जब्त किए गए थे। जांच में पता चला कि शिवा पाटिल और अन्य लोगों ने मिलकर देश के भीतर नकली नोट को प्रसारित किया और इसके लिए पड़ोसी देशों से नकली मुद्रा और इसे छापने के लिए जरूरी उपकरण खरीदा।
महेंद्र के घर पर से प्रिंटर जब्त किया गया था। जांच में पता चला कि राहुल तानाजी नकली नोट को बांटने के लिए पैसे का लेनदेन फर्जी सिम के जरिए कर रहा था।












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